संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे समाज कल्याण और जीव रक्षा अभियानों के तहत देशभर की गौशालाओं को निरंतर नया संबल प्रदान किया जा रहा है। इसी श्रृंखला में राजस्थान के चूरू जिले की सरदारशहर तहसील स्थित ढाणी पंचेरा गांव की श्री श्री 108 गिरिनार गिरी जी महाराज गौ सेवा समिति गौशाला में संत रामपाल जी महाराज का गौ सुरक्षा अभियान पहुँचा, जहाँ गौवंश की सुरक्षा और चारे-पानी की उचित व्यवस्था के लिए ऐतिहासिक कदम उठाए गए।
चूरू के ढाणी पंचेरा गांव की गौशाला को संत रामपाल जी महाराज द्वारा 300 क्विंटल चारा, दो टीन शेड और जल कुंड की सौगात
गौशाला में टीन शेड व जल कुंड निर्माण का शुभारंभ और मंगलाचरण
राजस्थान के चूरू जिले की तहसील सरदारशहर स्थित गांव ढाणी पंचेरा में श्री श्री 108 गिरिनार गिरी जी महाराज गौ सेवा समिति गौशाला में संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों द्वारा निर्माण कार्य का विधिवत शुभारंभ किया गया। सेवादारों की टीम और ग्रामवासियों ने मिलकर मंगलाचरण किया तथा संत रामपाल जी महाराज का धन्यवाद अर्पित किया। इस अवसर पर ग्रामीणों ने संत जी की तस्वीर पर पुष्प वर्षा की और महिलाओं ने मंगल गीत गाकर अपनी खुशी व्यक्त की।
निर्माण कार्य की रूपरेखा और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री
सेवादारों ने बताया कि गौशाला समिति और गांव के प्रतिनिधियों द्वारा संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना करने पर महाराज जी ने तुरंत 300 क्विंटल सूखा चारा भिजवाया था। इसके पश्चात् आज दो टीन शेड (60×100 फीट का गौवंश के रहने के लिए और 30×100 फीट का चारे के गोदाम के लिए) तथा 25×25 फीट चौड़ा व 10 फीट गहरा पानी पीने का पक्का कुंड बनाने की नींव रखी गई। संपूर्ण निर्माण कार्य में टाटा व जिंदल जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों के उत्तम पाइप व टीन का प्रयोग किया जा रहा है। इस विशाल परियोजना का संपूर्ण खर्च और लेबर का व्यय संत रामपाल जी महाराज द्वारा वहन किया जा रहा है, जिसे एक महीने के भीतर पूरा करके गांव को सौंप दिया जाएगा।
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ग्रामवासियों और समिति प्रतिनिधियों की प्रतिक्रियाएँ
गौशाला समिति के अध्यक्ष रजीराम सारण ने संत रामपाल जी महाराज का कोटि-कोटि आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भीषण अकाल की स्थिति में गांव के पास गौवंश को संभालने का कोई साधन नहीं था, तब महाराज जी ने बिना किसी स्वार्थ या राजनीतिक लाभ के हमारी सभी मांगों को तुरंत स्वीकार कर लिया। गांव के 70 वर्षीय बुजुर्गों और अन्य ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि इस अकाल के दौर में जहाँ खुद के पशुओं के लिए चारा नहीं था, वहाँ संत रामपाल जी महाराज ने बेजुबान गायों को नया जीवन दिया है। ग्रामीणों ने कहा कि आज तक किसी सरकार या संत ने इस प्रकार धरातल पर आकर निष्काम भाव से सेवा नहीं की है।
गौवंश की सेवा और सुरक्षा के लिए संत रामपाल जी महाराज की पहल
संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान से यह स्पष्ट होता है कि संकट के समय में बेजुबान पशुओं की रक्षा और गौशालाओं का कायाकल्प करने के लिए पूर्ण परमात्मा के आशीर्वाद से निरंतर कार्य किए जा रहे हैं; ढाणी पंचेरा गांव की गौशाला में शुरू हुए इस निर्माण कार्य से न केवल गौवंश को आश्रय और सुरक्षा मिली है, बल्कि आसपास के क्षेत्र के लोगों में भी संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपार श्रद्धा और विश्वास और अधिक सुदृढ़ हुआ है।



