हरियाणा राज्य के जिला हाँसी की तहसील बास स्थित बड़छप्पर गांव में संत रामपाल जी महाराज ने जनसेवा और किसान-कल्याण की एक अभूतपूर्व मिसाल पेश की है। बड़छप्पर गांव में पीने के पानी की समस्या को दूर करने के लिए संत रामपाल जी महाराज पहले से ही एक बोरवेल का निर्माण करवा रहे हैं।
इसी बीच, हाल ही में हुई भारी बारिश के कारण गांव के खेतों में गंभीर जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे किसानों की खड़ी फसलें नष्ट होने की कगार पर पहुंच गईं। इस विपदा के समय संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जल निकासी के लिए आवश्यक सभी संसाधन गांव में उपलब्ध करवाए।
गांव की स्थिति और जलभराव का संकट
बड़छप्पर गांव का एक बड़ा कृषि क्षेत्र निचले इलाके में स्थित है। मानसून के दौरान आसपास का बरसाती पानी बहकर इन्हीं खेतों में एकत्र हो जाता है। हालिया बारिश के कारण खेतों में लगभग ढाई से तीन फीट तक पानी जमा हो गया था। लगातार पानी खड़े रहने से धान की फसल डूबकर सड़ने लगी थी।
यदि इस पानी को समय रहते बाहर नहीं निकाला जाता, तो न केवल मौजूदा फसल पूरी तरह तबाह हो जाती, बल्कि अगली फसल की समय पर बिजाई करना भी असंभव हो जाता। इससे गांव के किसानों और उन पर निर्भर कृषि मजदूरों के सामने आजीविका का गंभीर संकट खड़ा हो गया था।
प्रार्थना और संत रामपाल जी महाराज का त्वरित निर्णय
बड़छप्पर गांव में संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित ‘शुद्ध पेयजल सेवा अभियान’ के तहत बोरवेल का काम पहले से चल रहा था। इस कारण ग्राम पंचायत और ग्रामीणों को उनके ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’ के बारे में पूर्ण जानकारी थी। संकट गहराते ही ग्राम पंचायत बड़छप्पर के प्रतिनिधियों ने इस जलभराव की समस्या के स्थाई समाधान के लिए संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना की।
संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना स्वीकार करते ही तुरंत अपनी सर्वे टीम को बड़छप्पर गांव भेजा। सर्वे टीम ने मौके पर पहुंचकर पानी की गहराई, जल निकासी के मार्ग और आवश्यक उपकरणों का बारीकी से निरीक्षण किया।
सर्वे रिपोर्ट में जल निकासी के लिए 8 इंची पाइपलाइन और 7.5 एचपी की दो मोटरों की आवश्यकता सामने आई। जैसे ही यह रिपोर्ट संत रामपाल जी महाराज के पास पहुंची, उन्होंने बिना किसी विलंब के राहत सामग्री भेजने के आदेश जारी कर दिए।
प्रदान की गई सहायता और अभूतपूर्व तत्परता
संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना मिलने से लेकर राहत सामग्री गांव तक पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया को मात्र तीन दिनों के भीतर संपन्न कर दिया।
संत रामपाल जी महाराज ने बड़छप्पर गांव के लिए निम्नलिखित सामग्री भिजवाई:
- लगभग 2200 से 2400 फीट लंबी 8 इंची पाइपलाइन
- जल निकासी हेतु 7.5 एचपी की दो शक्तिशाली मोटरें
- संपूर्ण सहायक एक्सेसरीज: 20-20 फीट के पीवीसी पाइप, सुंडिया, लोहे के बैंड, पीवीसी बैंड, एयर वाल्व, लोहे की प्लेट, रिड्यूसर, फेविकोल, क्लिप, जैन (गैस्केट) तथा स्टील के नट-बोल्ट
इसके साथ ही, संत रामपाल जी महाराज ‘अन्नपूर्णा योजना’ के अंतर्गत ढाई एकड़ तक की भूमि वाले छोटे किसानों को मुफ्त खाद, बीज और दवाइयां भी प्रदान कर रहे हैं, ताकि गरीब किसान सशक्त बन सकें।
सहायता के प्रभाव और लाभ
संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई पाइपलाइन और मोटरों की सहायता से खेतों का पानी तेजी से बाहर निकाला जा रहा है। संत रामपाल जी महाराज के इस कदम से:
- जलमग्न हुई धान की फसल को सड़ने से बचा लिया गया है।
- आगामी फसल की समय पर बिजाई का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
- किसानों और कृषि मजदूरों को होने वाले दोहरे आर्थिक नुकसान पर रोक लगी है।
- पशुओं के लिए हरे चारे की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित हुई है।
ग्रामीणों एवं सरपंच के उद्गार
संत रामपाल जी महाराज द्वारा इतनी तीव्र गति से सहायता पहुँचाए जाने पर बड़छप्पर गांव के वर्तमान सरपंच, पूर्व सरपंच और समस्त ग्रामीण अत्यंत प्रसन्न और अभिभूत हैं।
- ग्राम सरपंच ने कहा: “हमने तीन-चार दिन पहले संत रामपाल जी महाराज के चरणों में प्रार्थना लगाई थी। इतनी गति से तो कोई सरकार या प्रशासन भी कार्य नहीं कर सकता जितना कार्य संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं। उन्होंने मात्र तीन दिनों में सर्वे करवाकर राहत सामग्री गांव में पहुंचा दी। अब हमारा गांव पूरी तरह से बाढ़ और जलभराव के संकट से मुक्त हो जाएगा।”
- ग्रामीण किसानों ने कहा: “हमारी फसलें पानी में डूब रही थीं और हम लाचार थे। संत रामपाल जी महाराज हमारे लिए भगवान का रूप बनकर आए हैं। उन्होंने पीने के पानी के लिए बोरवेल भी लगवाया और अब खेतों का पानी निकालने के लिए पाइप व मोटर भी प्रदान कर दिए। जो कार्य आज तक किसी संस्था या संत ने नहीं किया, वह कार्य संत रामपाल जी महाराज ने करके दिखाया है।”
किसान मजदूर बचाओ अभियान: संत रामपाल जी महाराज
संत रामपाल जी महाराज का ‘किसान मजदूर बचाओ अभियान’, ‘शुद्ध पेयजल सेवा अभियान’ और ‘पशुधन बचाओ शुद्ध जल पिलाओ अभियान’ बिना किसी लोक-दिखावे के धरातल पर निरंतर कार्य कर रहा है। संत रामपाल जी महाराज अब तक 100 से भी अधिक संकटग्रस्त गांवों में राहत सहायता पहुंचा चुके हैं और यह सेवा कार्य लगातार जारी है।



