संत रामपाल जी महाराज द्वारा आबूसर, झुंझुनूं में 250 क्विंटल चारा वितरित

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राजस्थान के झुंझुनूं जिले के अंतर्गत आने वाले आबूसर गांव में स्थित श्री कृष्णा गौशाला में संत रामपाल जी महाराज के गौ सुरक्षा अभियान के तहत 250 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ी) वितरित किया गया। गौशाला में वर्तमान में लगभग 140 गौवंश आश्रित हैं, जिनके समक्ष चारे का भारी संकट उत्पन्न हो गया था। इस समस्या के समाधान के लिए आबूसर गांव के 37 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने 30 सितंबर को हरियाणा के सोनीपत जिले में स्थित सतलोक आश्रम धनाना धाम की यात्रा की थी।

प्रतिनिधिमंडल ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष 210 क्विंटल सूखे चारे तथा एक टीन शेड/गोदाम की मांग रखी थी। संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल सर्वे टीम को गौशाला का निरीक्षण करने का निर्देश दिया। सर्वे टीम की रिपोर्ट के आधार पर, संत रामपाल जी महाराज ने 210 क्विंटल के स्थान पर 250 क्विंटल सूखा चारा पांच गाड़ियों (पिकअप वाहनों) में भरकर 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) के दिन आबूसर गांव की गौशाला को हैंडओवर किया। 

इसके साथ ही, गौशाला के लिए 70 गुणा 40 फीट (70/40 फीट) का चारा गोदाम भी संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृत किया गया, जिसकी अनुमानित लागत 12 से 13 लाख रुपये है।

प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय ग्रामीणों की सहभागिता

आबूसर गांव के प्रतिनिधिमंडल और स्थानीय निवासियों ने सतलोक आश्रम धनाना धाम की व्यवस्थाओं और संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राहत कार्यों का प्रत्यक्ष विवरण साझा किया। कार्यक्रम के दौरान निम्नलिखित प्रमुख तथ्य सामने आए:

  • प्रतिनिधिमंडल यात्रा: गांव के 37 ग्रामीण (जिनमें सुनील खालिया, अरुण कुमार और अन्य सदस्य शामिल थे) 30 सितंबर को धनाना धाम गए थे।
  • त्वरित राहत वितरण: मांग के दो दिन के भीतर यानी 2 अक्टूबर को 250 क्विंटल सूखा चारा पांच गाड़ियों के माध्यम से गौशाला में पहुंचा दिया गया।
  • अतिरिक्त गोदाम स्वीकृति: चारे के भंडारण के लिए 70×40 फीट का गोदाम स्वीकृत किया गया, जिस पर 12-13 लाख रुपये की लागत का अनुमान है।
  • स्वागत समारोह: गांव के बस स्टैंड और मुख्य द्वार पर सरपंच पद के प्रत्याशी अरुण कुमार, गौशाला अध्यक्ष हरिनारायण सिंह (हरी सिंह खालिया), सुरेश दास, सुबधारे सिंह (शीतसर), नरेंद्र, राकेश और अन्य ग्रामीणों तथा महिलाओं ने संत रामपाल जी महाराज के स्वरूप का स्वागत किया।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा संचालित राष्ट्रव्यापी कल्याणकारी परियोजनाएं

संत रामपाल जी महाराज द्वारा देश भर में विभिन्न लोक कल्याणकारी और समाज सुधारक अभियान संचालित किए जा रहे हैं। कार्यक्रम में वक्ताओं द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार प्रमुख योजनाएं इस प्रकार हैं:

  • अन्नपूर्णा मुहिम: बेसहारा, असहाय और गरीब परिवारों को समय पर राशन और भोजन उपलब्ध कराना।
  • शिक्षा एवं चिकित्सा सहायता: गरीब परिवारों के बच्चों की शिक्षा की व्यवस्था तथा सभी बीमारियों की दवाइयां व परीक्षण निःशुल्क प्रदान करना।
  • आवास निर्माण: जिन परिवारों के पास रहने के लिए छत नहीं है, उनके लिए मकान निर्माण कार्य कराना।
  • कृषि सहयोग: किसानों को कृषि कार्यों के लिए उन्नत बीज, खाद और कीटनाशक दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराना (हरियाणा में ढाई एकड़ और राजस्थान में पांच बीघे तक के किसानों के लिए)।
  • सामाजिक सुधार: समाज को नशा-मुक्त और दहेज-मुक्त बनाने के लिए प्रेरणा देना तथा साधना चैनल पर प्रतिदिन शाम 7:30 बजे से 8:30 बजे तक प्रवचन प्रसारित करना।

राहत सामग्री वितरण और स्वीकृत विकास कार्यों का विवरण

सहायता श्रेणीविवरण एवं मात्रास्थान / लाभार्थी
सूखा चारा (तूड़ी)250 क्विंटल (5 गाड़ियों में प्रेषित)श्री कृष्णा गौशाला, आबूसर, झुंझुनूं, राजस्थान
चारा गोदाम / शेड70×40 फीट (अनुमानित लागत 12-13 लाख रुपये)श्री कृष्णा गौशाला, आबूसर, झुंझुनूं, राजस्थान
प्रतिनिधिमंडल37 ग्रामीण सदस्य (30 सितंबर यात्रा)सतलोक आश्रम धनाना धाम, सोनीपत, हरियाणा
वितरण तिथि2 अक्टूबर (गांधी जयंती)श्री कृष्णा गौशाला, आबूसर, झुंझुनूं, राजस्थान
राष्ट्रव्यापी योजनाएंअन्नपूर्णा मुहिम, निःशुल्क चिकित्सा, आवास, कृषि बीजराष्ट्रव्यापी आश्रम क्षेत्र

आबूसर गौशाला में सहायता का प्रत्यक्ष प्रभाव और सामाजिक परिणाम

संत रामपाल जी महाराज द्वारा आबूसर गांव की श्री कृष्णा गौशाला को 250 क्विंटल सूखा चारा समय पर उपलब्ध कराने और 70×40 फीट के गोदाम को स्वीकृत करने से गौवंश के संरक्षण में आ रही बाधाएं दूर हो गई हैं। गौशाला अध्यक्ष हरिनारायण सिंह, सरपंच प्रत्याशी अरुण कुमार, सुनील खालिया और स्थानीय ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि संत रामपाल जी महाराज के इस पारदर्शी और त्वरित सहायता तंत्र से समाज के पीड़ित और जरूरतमंद वर्गों को वास्तविक राहत प्राप्त हो रही है। संत रामपाल जी महाराज के इन अभियानों से देश भर में गौ सेवा, सामाजिक समरसता और मानवीय कल्याण के नए मानक स्थापित हो रहे हैं।

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