हरियाणा राज्य के सिरसा जिले के अंतर्गत आने वाले गांव कुत्ताबढ़ में स्थित श्री राधा कृष्ण गौशाला में 200 से अधिक गौवंश के लिए जगह कम पड़ने से उत्पन्न हुई गंभीर समस्या का अब समाधान हो गया है। ग्रामवासियों और गौशाला कमेटी की प्रार्थना पर संत रामपाल जी महाराज ने तत्काल संज्ञान लेते हुए गौशाला में 40×120 फीट (4800 स्क्वायर फीट) के एक नए और विशाल शेड के निर्माण का आदेश दिया है। 15 अगस्त को गांव के प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज से मिलकर अपनी समस्या साझा की थी, और मात्र छह दिनों के भीतर (21 अगस्त को) उनके आदेशानुसार इस बड़े निर्माण कार्य की शुरुआत भी हो गई। इस शेड के बनने से अब बेसहारा और निराश्रित गौवंश को कीचड़, बीमारी और खराब मौसम से सुरक्षा मिलेगी।
कैसे ग्रामवासियों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष रखी अपनी समस्या
गांव कुत्ताबढ़ की गौशाला में बढ़ती पशुओं की संख्या और शेड की कमी के कारण ग्रामवासी और गौशाला कमेटी अत्यंत चिंतित थी। गौशाला के प्रधान अंग्रेज सिंह के अनुसार, जब पंचायत द्वारा दी गई डेढ़ एकड़ जमीन पर बनी गौशाला में गायों की संख्या 200 के करीब पहुंच गई, तो मौजूदा शेड छोटा पड़ने लगा। एक ही शेड में अधिक पशुओं के रहने से वहां कीचड़ हो रहा था, जिससे गायों के पैर खराब होने और चर्म रोग जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ गया था।
इन विकट परिस्थितियों में, 15 अगस्त को गौशाला के प्रधान अंग्रेज सिंह, गांव के पूर्व सरपंच (दादा जी) और अन्य 10 सदस्य संत रामपाल जी महाराज के दर्शन और सहायता की आस में आश्रम गए। प्रधान अंग्रेज सिंह बताते हैं कि वहां उन्हें किसी भी प्रकार की औपचारिकता या दूरी का सामना नहीं करना पड़ा। संत रामपाल जी महाराज ने बिल्कुल करीब से और आत्मीयता से उनकी बात सुनी। जब ग्रामीणों ने लिखित प्रार्थना पत्र (एप्लीकेशन) देने की बात कही, तो महाराज जी ने बड़े ही स्नेह से कहा, “कोई बात नहीं, आप आराम से बैठो, भंडारा करो, चाय पियो, आपका काम हो जाएगा।” यह आत्मीयता और तत्काल स्वीकृति देखकर ग्रामवासी गदगद हो गए। उनकी एक छोटी सी मांग पर बिना किसी चंदे या सरकारी निविदा (टेंडर) के इंतजार के, संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत शेड निर्माण का आदेश दे दिया।
गौशाला में नया शेड: एक बड़ी राहत

श्री राधा कृष्ण गौशाला गांव कुत्ताबढ़ और इसके आसपास के तलवाड़ा, रतपुरवाला जैसे 10-15 किलोमीटर के दायरे में एकमात्र गौशाला है। गौशाला के नवनिर्माण के इस कार्य में वेल्डर के रूप में अपनी निःशुल्क सेवा दे रहे संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी ने बताया कि यह नया शेड 40/120 फीट (4800 स्क्वायर फीट) का होगा। विशेष बात यह है कि इस नए शेड की ऊंचाई पहले वाले शेड से ढाई फीट अधिक रखी जा रही है, ताकि हवा का प्रवाह (वेंटिलेशन) सही रहे और गर्मियों में पशुओं को अधिक गर्मी न लगे। फाउंडेशन (नींव) के लिए खुदाई का कार्य शुरू हो चुका है और 10 से 15 दिनों के भीतर यह 8 से 8.5 लाख रुपये की लागत वाला विशाल शेड बनकर तैयार हो जाएगा।
ग्रामीणों और पंचायत में खुशी की लहर
संत रामपाल जी महाराज की इस त्वरित और निस्वार्थ सहायता से पूरे कुत्ताबढ़ गांव में खुशी की लहर है। गांव के सरपंच ब्यांत सिंह ने संत रामपाल जी महाराज का कोटि-कोटि धन्यवाद करते हुए कहा, “एक छोटी सी मांग पर बिना किसी आर्थिक अनुदान (पैसे) की मांग किए, 15 अगस्त को प्रार्थना की गई और 21 अगस्त को कार्य भी शुरू हो गया। यदि यह सरकारी कार्य होता तो टेंडर पास होने में ही महीनों लग जाते।” गांव के अन्य निवासी जैसे हरपाल सिंह और नीलचंद ने भी बताया कि पहले आवारा पशुओं के कारण फसलों का नुकसान होता था और सड़कों पर दुर्घटनाएं होती थीं, लेकिन गौशाला बनने और अब नया शेड मिलने से इन सभी समस्याओं का समाधान हो गया है।
संत रामपाल जी महाराज के परोपकारी कार्य: एक नजर में
संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही सहायता मुहिम केवल गांव कुत्ताबढ़ तक सीमित नहीं है। सिरसा जिले और फतेहाबाद सहित पूरे राज्य में उनके द्वारा बड़े पैमाने पर समाज सेवा के कार्य किए जा रहे हैं।
| क्र.सं. | सहायता का प्रकार | सिरसा जिले में हो रहे कार्य (वर्तमान स्थिति) |
| 1 | राशन वितरण | 76 गरीब और असहाय परिवारों को हर महीने घर तक निःशुल्क राशन। |
| 2 | आवास निर्माण | 4 मकान बनाकर दिए गए, 3 मकान निर्माणाधीन। |
| 3 | गौशाला व स्कूल शेड | कुत्ताबढ़ सहित कुल 5 नए शेड (3 गौशालाओं में, 2 गरीब स्कूलों में)। |
| 4 | किसानों की मदद | 2.5 एकड़ तक के गरीब किसानों को मुफ्त खाद, बीज और दवाइयां। |
| 5 | चिकित्सा व शिक्षा | गंभीर बीमारियों का इलाज और गरीब बच्चों की पढ़ाई व वर्दी का पूरा खर्च। |
जगतगुरु संत रामपाल जी महाराज: वर्तमान युग के सच्चे रक्षक और परमार्थ की प्रतिमूर्ति
संत रामपाल जी महाराज का जीवन और उनके कार्य यह प्रमाणित करते हैं कि वे वास्तव में इस युग के सच्चे संत और मानवता के रक्षक हैं। जब भी कोई असहाय, गरीब या बेजुबान जीव कष्ट में होता है, तो संत रामपाल जी महाराज एक मसीहा बनकर उसकी सहायता करते हैं। बिना किसी सरकारी सहायता, बिना किसी चंदे और बिना किसी स्वार्थ के वे जिस स्तर पर समाज के हर जरूरतमंद की मदद कर रहे हैं, वह अद्वितीय है। उनका संकल्प “रोटी, कपड़ा, शिक्षा, चिकित्सा और मकान, हर जरूरतमंद को दे रहा कबीर भगवान” आज अक्षरशः सत्य सिद्ध हो रहा है।
चाहे बेसहारा गौवंश को आश्रय देना हो, बाढ़ से उजड़े किसानों के खेतों से पानी निकालकर उन्हें अगली फसल के लिए तैयार करना हो, या अनाथ बच्चों के सिर पर छत और स्कूलों में शेड बनवाना हो-संत रामपाल जी महाराज के परोपकार की कोई सीमा नहीं है। उनके ये निस्वार्थ कार्य समाज के लिए एक महान प्रेरणा हैं और पूरा समाज उनकी इस अपार दया और कृपा के लिए सदैव नतमस्तक रहेगा।



