सूखे और चारे के संकट के बीच संबल: राजस्थान व हरियाणा के प्रतिनिधियों ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष रखीं माँगें

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राजस्थान के चूरू, हनुमानगढ़, झुंझुनूं (नंगली) और हरियाणा के सोनीपत जिलों से आए गौशाला प्रधानों, सरपंचों, पंचायत सदस्यों तथा ग्रामीणों ने तत्त्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में सूखे, बारिश के अभाव और चारे की गंभीर समस्या को संत रामपाल जी महाराज के समक्ष रखा। संत रामपाल जी महाराज ने सभी की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और गौमाता के लिए सूखा चारा, शेड निर्माण तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली जैसे आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने का पूर्ण आश्वासन दिया।

गौमाता और जनसेवा से जुड़ी छह खास मुलाकातें

  • चूरू(राजस्थान): गौशाला प्रधान व ग्रामीणों ने क्षेत्र में सूखे और बारिश न होने के कारण गौमाता के लिए चारे की भीषण समस्या बताते हुए चारे की प्रार्थना की।
  • निजामपुर, जिला सोनीपत, हरियाणा: कमेटी अध्यक्ष व बुजुर्ग ने पुरानी यादें साझा कीं और आगामी जाड़े (सर्दी) से पहले गौवंश की सुरक्षा के लिए गौशाला शेड के प्रबंध का प्रस्ताव रखा।
  • राणिसर, जिला हनुमानगढ़, राजस्थान: गौशाला प्रधान व 70-72 ग्रामीणों ने चारे की कमी और बारिश ना होने के चलते गौशाला के लिए सूखा चारा, शेड निर्माण और ट्रैक्टर-ट्रॉली की आवश्यकता बताई।
  • नंगली, तहसील खेतड़ी, जिला झुंझुनूं, राजस्थान: गौशाला अध्यक्ष व ग्रामीणों ने अन्नपूर्णा मुहिम व जनकल्याणकारी कार्यों से प्रभावित होकर गौशाला की गायों की रक्षा हेतु सूखे चारे की माँग रखी।

चूरू (राजस्थान): गौशाला में सूखे चारे का संकट और समाधान

चूरू जिले (राजस्थान) से गौशाला कमेटी के प्रधान और समस्त ग्रामवासी संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने बताया कि इस बार चूरू जिले में बारिश बिल्कुल न होने से स्थिति अत्यंत गंभीर हो गई है और गौमाता के लिए चारे का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। प्रतिनिधियों की व्यथा सुनकर संत रामपाल जी महाराज ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे गौमाता के लिए पर्याप्त सूखा चारा अवश्य उपलब्ध कराएंगे।

निजामपुर, सोनीपत (हरियाणा): पुरानी यादें और सर्दी मौसम से पूर्व शेड निर्माण

सोनीपत के निजामपुर से गौशाला समिति के अध्यक्ष और अन्य सदस्य संत रामपाल जी महाराज से मिलने पहुंचे। समिति अध्यक्ष ने बताया कि वे 20 दिन पहले भी आए थे और संत रामपाल जी महाराज ने उनकी विनती स्वीकार कर ली थी। उनके साथ आए बुजुर्ग मास्टर राजपाल ने अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए बताया कि वे पहले जींद सत्संग में भजन गाया करते थे। प्रतिनिधियों ने सर्दी का मौसम आने से पहले गौशाला में आवश्यक प्रबंध करने का अनुरोध किया। इस पर संत रामपाल जी महाराज ने स्पष्ट किया कि वे सर्दी शुरू होने से पूर्व सारे प्रबंध पूर्ण कराने का पूरा प्रयास करेंगे।

राणिसर, हनुमानगढ़ (राजस्थान): चारा, शेड और ट्रैक्टर-ट्रॉली की स्वीकृति

राजस्थान के हनुमानगढ़ जिले के छोटे से गाँव राणिसर से गौशाला प्रधान के नेतृत्व में करीब 70-72 ग्रामीण बस में सवार होकर संत रामपाल जी महाराज के पास पहुँचे। ग्रामीणों ने बताया कि क्षेत्र में वर्षा न होने से गौशाला के लिए चारे का भारी अभाव है। उन्होंने गौमाता की रक्षा के लिए सूखा चारा, एक शेड तथा ट्रैक्टर-ट्रॉली की आवश्यकता जताई। प्रतिनिधियों ने भावुक होकर कहा कि जो कार्य सरकारें आठ वर्षों में नहीं कर सकीं, जैसे जरूरतमंदों को निःशुल्क रोटी, कपड़ा, शिक्षा और मकान उपलब्ध कराना, वह संत रामपाल जी महाराज ने करके दिखाया है। संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की मदद करने की प्रार्थना स्वीकार करते हुए सूखा चारा, शेड निर्माण और एक ट्रैक्टर-ट्रॉली उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया।

नंगली, खेतड़ी, झुंझुनूं (राजस्थान): जनकल्याणकारी कार्यों की सराहना और चारा प्रबंध

झुंझुनूं जिले के खेतड़ी क्षेत्र स्थित नंगली गाँव से गौशाला अध्यक्ष, सरपंच और ग्रामीण संत रामपाल जी महाराज से मिले। गौशाला अध्यक्ष ने कहा कि संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम, गरीबों की निरंतर मदद और दहेज-मुक्त शादियों जैसे सेवा कार्यों से वो अत्यंत प्रभावित हुए हैं। इसके साथ ही उन्होंने गौशाला की गायों की रक्षा हेतु सूखे चारे की माँग रखी। संत रामपाल जी महाराज ने उनका ढांढस बांधते हुए कहा कि वे राजस्थान की सैकड़ों गौशालाओं को पहले ही चारा दे चुके हैं और नंगली गौशाला में भी गौमाता को भूखा नहीं रहने देंगे तथा पूरा चारा भिजवाएंगे।

प्रस्तुत समस्याएँ और स्वीकृत सहायता

स्थान एवं गौशालाप्रस्तुत माँग एवं सहायता विवरण
चूरू (राजस्थान)सूखे और कम बारिश के कारण उत्पन्न चारे के भीषण संकट को दूर करने हेतु सूखा चारा प्रदान करने का विश्वास दिलाया गया।
निजामपुर, जिला सोनीपत (हरियाणा)सर्दी (जाड़े) का मौसम आने से पूर्व गौवंश की सुरक्षा के लिए शेड निर्माण के आदेश और पूर्ण प्रबंध का आश्वासन।
राणिसर, जिला हनुमानगढ़ (राजस्थान)बारिश ना होने से गौशाला के लिए आवश्यक सूखा चारा, एक शेड का निर्माण तथा संचालन हेतु ट्रैक्टर-ट्रॉली की पूर्ण सहायता।
नंगली, तहसील खेतड़ी, जिला झुंझुनूं (राजस्थान)गौवंश की रक्षा हेतु सूखा चारा उपलब्ध कराने का आश्वासन, जिससे गौमाता भूखी न रहे।

प्रतिनिधियों की प्रतिक्रिया एवं निष्कर्ष

मुलाकात के दौरान विभिन्न राज्यों से आए गौशाला प्रतिनिधियों, जन-प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की। प्रतिनिधियों ने कहा कि राजस्थान के गंभीर सूखा प्रभावित क्षेत्रों में जहाँ बारिश न होने से गायों को सड़कों पर छोड़ने की नौबत आ रही थी, वहाँ संत रामपाल जी महाराज ने आगे आकर गौमाता की रक्षा की है। ग्रामीणों ने विशेष रूप से उल्लेख किया कि जो मूलभूत सहायता व्यवस्था और राहत कार्य सरकारें वर्षों में नहीं कर सकीं, उसे संत रामपाल जी महाराज ने तत्परता से पूरा किया है। अन्नपूर्णा मुहिम, गरीबों के लिए निःशुल्क मकान, निःशुल्क सामूहिक विवाह और गौशालाओं का व्यापक संरक्षण समाज में वास्तविक परोपकार का अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर रहा है।

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