November 30, 2025

मानहानि केस मे प्रिया रमानी (Priya Ramani) बरी

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नई दिल्ली: समाज में महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न के मामले बढ़ते जा रहे हैं, हर रोज कोई न कोई खबर सुनने को मिल ही जाती है। भारत जैसे महान देश में जहां लड़की को देवी का रूप समझकर पूजा जाता है यहाँ भी ऐसी समस्या देखने को मिल जाती है। इतना ही नहीं अब तो कुछ महीनों की छोटी बच्चियाँ तक सुरक्षित नहीं है। यौन उत्पीड़न का ही मामला देखने को मिला कल जिसमे दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने एमजे अकबर द्वारा किये गए मानहानि केस में से प्रिया रमानी (Priya Ramani) को बाइज्जत बरी कर दिया। कोर्ट के इस फैसले के साथ ही सभी में ख़ुशी की लहर दौड़ गई, यहाँ तक की बॉलीवुड में से भी कई की इस पर प्रतिक्रिया आई है।

कोर्ट ने प्रिया रमानी (Priya Ramani) को किया बाइज़्ज़त बरी

  • एमजे अकबर ने किया था मानहानि का केस
  • बॉलीवुड सितारों ने भी कोर्ट के इस फैसले पर जताई खुशी
  • कोर्ट ने दिया रामायण का उदाहरण
  • स्मृति ईरानी ने भी दी प्रतिक्रिया
  • समाज का स्तर क्यों गिरता जा रहा है ?
  • कैसे सुधर सकता है समाज ?
  • कौन है तत्वदर्शी सन्त ?

मानहानि केस में से प्रिया रमानी (Priya Ramani) बाइज़्ज़त बरी

आये दिन कोई न कोई यौन उत्पीड़न की खबर सुनने को मिल ही जाती है, ऐसा ही मामला है प्रिया रमानी का जिन्होंने एमजे अकबर के खिलाफ़ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज करवाया था, लेकिन उन्होंने यह केस बहुत देर बाद दर्ज करवाया था। बता दें कि साल 2018 में मीटू (Metoo) अभियान के दौरान पत्रकार प्रिया रमानी (Priya Ramani) ने पूर्व केंद्रीय राज्यमंत्री एमजे अकबर (MJ Akbar) के खिलाफ शोषण का आरोप लगाया था।

एमजे अकबर ने किया था प्रिया रमानी (Priya Ramani) पर मानहानि का केस

यही वजह थी कि एमजे अकबर ने उन पर उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाया था और उन पर मानहानि का मुकदमा दायर किया था। पूर्व केंद्रीय मंत्री एम जे अकबर ने दिल्ली की एक अदालत को शुक्रवार को बताया कि पत्रकार प्रिया रमानी ने 2018 के मीटू आंदोलन के दौरान ‘मीडिया का सबसे बड़ा शिकारी’ जैसे विशेषणों का इस्तेमाल कर उनकी मानहानि की।

एमजे अकबर ने दे दिया था मंत्री पद से इस्तीफा

आरोप लगने के बाद अकबर ने 17 अक्टूबर 2018 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया था। अकबर ने 15 अक्टूबर, 2018 को रमानी के खिलाफ उनकी छवि खराब करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई थी। घटना के बाद अकबर ने 17 अक्टूबर, 2018 को केन्द्रीय मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था।

कोर्ट ने दिया रामायण का उदाहरण

चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट रविंद्र कुमार पांडे ने कहा:

‘’यह शर्मनाक है कि इस तरह की घटनाएं भारत में हो रही हैं। एक महिला की गरिमा की सुरक्षा दिखाने के लिए यहां दो महान महाकाव्यों महाभारत और रामायण की रचना हुई।‘’

रामायण के आरण्य कांड का उदाहरण देते हुए जज ने कहा कि सीता की रक्षा के लिए जटायु पक्षी रावण से लड़ा था।

आखिर क्यों समाज का स्तर गिरता जा रहा है?

भारत जैसे महान देश में भी आये दिन यौन उत्पीड़न की खबरे सुनने को मिल जाती हैं। आखिर क्या कारण है कि बेटी घर में भी सुरक्षित नहीं है। यहाँ तक कि भाई, बाप ने लड़की का यौन उत्पीड़न किया यह खबरे देखने को मिल जाती है, यहाँ से यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि समाज में लोगों की नैतिकता गिर चुकी है। आपने कभी सोचा है इन सब का कारण क्या है? सबसे बड़ी बात तो घर का माहौल है जहा से बच्चे संस्कार सीखते हैं। अगर घर में अच्छी शिक्षा दी जाए तो बच्चों का व्यवहार बाहर भी अच्छा होगा। लोग परमात्मा से दूर होते जा रहे हैं, केवल धन कमाना उद्देश्य रह गया है।

दूसरी वजह बॉलीवुड फ़िल्में, गाने आदि है जिनसे बच्चे बहुत कुछ गलत सीखते हैं। लेकिन संत रामपाल जी महाराज के शिष्य इन सब का बहिष्कार करते हैं क्योंकि इन सब का हमारे दिमाग पर गलत असर पढ़ता है। यह बॉलीवुड फिल्में बलात्कार, नशा, चोरी, दहेज प्रथा जैसी बुराइयों को बढ़ावा देती हैं। लेकिन संत रामपाल जी का ज्ञान ऐसा है कि इन सब को जड़ से खत्म कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram Youtube Channel पर सत्संग सुने।

कैसे सुधार किया जा सकता है?

जैसे कि ऊपर कहा जा चुका है कि संत रामपाल जी एकमात्र ऐसे संत हैं जो बलात्कार, दहेज प्रथा, नशे जैसी बुराइयों को जड़ से उखाड़ सकते हैं, हमें उनका इस कोशिश में साथ देना चाहिए। स्कूल, कॉलेज में जो सिलेबस होता है उसमें एक “आध्यात्मिक ज्ञान” का विषय जोड़ा जाना चाहिए ताकि बच्चें अच्छी शिक्षा के साथ साथ अच्छे विचारवान और श्रेष्ठ चरित्र वाले और समाज के सभी जनमानस का सम्मान आदर कर सके। सिनेमाघरों और टीवी में फिल्मों की जगह आध्यात्मिक ज्ञान का सतसंग चलायें ताकि सतसंग सुन सके और सभी अपना अचार विचार शुद्ध बना सके। संत रामपाल जी ही वो एकमात्र संत है जो सभी बुराइयों को अंत कर सकते हैं।

पूर्ण संत की पहचान?

पूर्ण संत की पहचान के बारे में हमारे चारों सदग्रंथों में भी प्रमाण है। संत रामपाल जी के पूर्ण संत होने का प्रमाण केवल हमारे सदग्रंथो में ही नहीं बल्कि दुनिया भर के बहुत से भविष्यवक्ता की लिखी भविष्यवाणियों मे भी है। उस संत के बारे में नास्त्रेदमस, अमेरिका के श्री एण्डरसन, इंग्लैण्ड के ज्योतिषी ‘कीरो’, अमेरिका की महिला भविष्यवक्ता ‘‘जीन डिक्सन’’ आदि ने भी अपनी भविष्यवाणियों में कहा है कि वह संत पूरे विश्व में अपने ज्ञान से तहलका मचा देगा। उस संत के बारे में लिखा है उसके ज्ञान और बताई भक्ति से विश्व मे शांति स्थापित होगी और उसका बताया ज्ञान पूरे विश्व में फैलेगा।

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