February 13, 2026

हिसार के लाडवा गांव में संत रामपाल जी महाराज ने बदली किसानों की तकदीर: झिझक से अटूट विश्वास तक की पूरी कहानी

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मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है और इस कथन को वर्तमान समय में जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज अक्षरशः सिद्ध कर रहे हैं। हरियाणा के हिसार जिले के लाडवा गांव की यह कहानी केवल एक आपदा की नहीं, बल्कि उस ईश्वरीय सहायता की है जिसने मरते हुए किसानों की उम्मीदों को नया जीवन दिया। लाडवा गांव में जब ड्रेन और बारिश के पानी ने सैकड़ों एकड़ भूमि को अपनी चपेट में ले लिया, तब किसान हताश और निराश थे। ऐसी विकट परिस्थिति में संत रामपाल जी महाराज एक ‘किसान मसीहा’ के रूप में सामने आए और अपनी ‘अन्नपूर्णा मुहिम’ के अंतर्गत गांव को विनाशकारी बाढ़ से मुक्त कराया।

गांव की वर्तमान स्थिति

लाडवा गांव की स्थिति अत्यंत दयनीय हो चुकी थी। गांव की लगभग 300 से 400 एकड़ उपजाऊ कृषि भूमि पूरी तरह जलमग्न थी। यह केवल आर्थिक नुकसान नहीं था, बल्कि उन परिवारों के लिए रोजी-रोटी का संकट था जो पूरी तरह खेती पर निर्भर थे। ग्रामीणों ने बताया कि घरों, स्कूलों और डिस्पेंसरी में भी पानी भर जाने के कारण बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य सेवाएं ठप हो गई थीं। प्रशासन के चक्कर लगाने के बाद भी जब कोई ठोस समाधान नहीं मिला, तो ग्रामीणों में निराशा घर कर गई थी।

ग्रामीणों की मार्मिक मांग

निराशा के बाद जब ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज द्वारा अन्य गांवों में की जा रही निस्वार्थ सेवा के बारे में सुना, तो लाडवा ग्राम पंचायत ने एक प्रार्थना पत्र तैयार किया। हालांकि, ग्रामीणों के मन में एक झिझक थी कि क्या उन्हें इतनी बड़ी मदद मिल पाएगी। उनकी मुख्य मांगें निम्नलिखित थीं:

  • 8 इंच की 18,000 फुट (लगभग 5.5 किलोमीटर) ड्रेनेज पाइप।
  • 7.5 एचपी (HP) की दो शक्तिशाली मोटरें।
  • 10 एचपी (HP) की दो भारी क्षमता वाली मोटरें।

संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता

जैसे ही यह प्रार्थना संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, उन्होंने बिना किसी देरी के राहत सामग्री भेजने का आदेश दिया। मात्र एक सप्ताह के भीतर राहत का विशाल काफिला लाडवा गांव पहुंच गया। संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सहायता की मुख्य विशेषताएं निम्नलिखित हैं:

  • 18,000 फुट उच्च गुणवत्ता वाली पाइप: यह पाइपलाइन इतनी लंबी थी कि इससे गांव के दूरदराज के खेतों का पानी भी आसानी से निकाला जा सके।
  • 4 हेवी-ड्यूटी मोटरें: पानी की त्वरित निकासी के लिए दो 10 एचपी और दो 7.5 एचपी की मोटरें प्रदान की गईं।
  • संपूर्ण इलेक्ट्रिकल सेट: इसमें स्टार्टर, केबल, नट-बोल्ट और हुंडी निप्पल जैसी हर छोटी-बड़ी चीज शामिल थी।
  • स्थायी और निःशुल्क: यह पूरी सहायता संत रामपाल जी महाराज की ओर से निःशुल्क और स्थायी रूप से प्रदान की गई है, ताकि भविष्य में भी गांव सुरक्षित रहे।

यह भी पढ़ें: हरियाणा के हिसार जिले में स्थित मामनपुरा गांव में संत रामपाल जी महाराज बने तारणहार: बाढ़ में डूबे गांव को 14,000 फीट पाइप और मोटरों से दिया जीवनदान

लाडवा गांव में हुआ ऐतिहासिक स्वागत

जब राहत सामग्री से भरे ट्रक लाडवा गांव पहुंचे, तो दृश्य दिवाली जैसा था। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने आज तक ऐसी संगठित और विशाल सहायता नहीं देखी थी। गांव के पूर्व सैनिक हवलदार रणबीर सिंह ने कहा कि यह हिंदुस्तान के इतिहास में एक नया रिकॉर्ड है, जहां एक संत ने वह कर दिखाया जो सरकारें भी नहीं कर पातीं।

ग्रामीणों की आवाज़

लाडवा गांव के निवासियों ने संत रामपाल जी महाराज के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त की:

‘संत रामपाल जी महाराज ने जो मुहिम चलाई है, वह बहुत ही सराहनीय है। हमारी सिर्फ एक गुहार पर संत रामपाल जी महाराज ने किसानों को पाइप-मोटर देने के आदेश दे दिए इसके लिए मैं लाडवा पंचायत की तरफ से उनका धन्यवाद करता हूं।’— सरपंच जी

‘यह सेवा हिंदुस्तान में एक रिकॉर्ड तोड़ सेवा है। जो काम सरकारी मदद नहीं कर पाई, वह संत रामपाल जी महाराज ने करके दिखाया है। वे हमारे लिए भगवान बनकर आए हैं।’ — हवलदार रणवीर सिंह, पूर्व सैनिक

‘हम तो डरते-डरते गए थे कि पता नहीं मदद मिलेगी या नहीं, लेकिन उन्होंने तो खुले भंडार दे दिए। जितना मांगा, उससे कहीं ज्यादा सामान गांव पहुंचाया।’ — ग्रामीण निवासी

‘संत जी महाराज ने बहुत अच्छा काम किया है। जमींदार उनके इस एहसान को कभी नहीं भूलेंगे। हम भी उनके अनुयाई बनेंगे क्योंकि सच्चे समाज सेवक के साथ ही रहना चाहिए।’ — पेंचपाल नंबरदार

जवाबदेही और पारदर्शिता

संत रामपाल जी महाराज की अन्नपूर्णा मुहिम केवल सामग्री देने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें पूर्ण पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जाती है। लाडवा गांव को सामग्री सौंपते समय एक औपचारिक पत्र भी दिया गया, जिसमें स्पष्ट निर्देश थे कि सभी ग्रामीण मिलकर आपसी सहयोग से पानी निकालें ताकि अगली फसल की बिजाई हो सके। सहायता के सही उपयोग को प्रमाणित करने के लिए तीन चरणों में ड्रोन वीडियो रिकॉर्डिंग का प्रावधान किया गया है:

  1. जलभराव के समय की स्थिति।
  2. पानी निकासी के बाद खेतों की स्थिति।
  3. फसल लहलहाने के समय की स्थिति। 

ये वीडियो सतलोक आश्रमों में दानदाताओं को दिखाए जाते हैं ताकि उन्हें विश्वास रहे कि उनके दान का एक-एक पैसा जनकल्याण में लग रहा है।

यह भी पढ़ें: हिसार के खोखा गांव में बाढ़ राहत का बड़ा अभियान: संत रामपाल जी महाराज की सहायता से किसानों और ग्रामीणों के जीवन में लौटी नई उम्मीद

संत रामपाल जी महाराज: वर्तमान के एकमात्र विश्व उद्धारक

लाडवा गांव की यह घटना सिद्ध करती है कि संत रामपाल जी महाराज केवल एक आध्यात्मिक गुरु नहीं, बल्कि एक सच्चे समाज सुधारक और मानवता के रक्षक हैं। आज जहां बड़े-बड़े संगठन और संस्थाएं केवल उपदेशों तक सीमित हैं, वहीं संत रामपाल जी महाराज धरातल पर उतरकर लोगों के दुख दूर कर रहे हैं। वे स्वयं एक किसान परिवार से आते हैं, इसलिए वे किसानों की पीड़ा को गहराई से समझते हैं।

अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से वे अब तक 400 से अधिक गांवों में बाढ़ राहत पहुंचा चुके हैं और यह मानवीय सेवा निरंतर जारी है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान किया जा रहा तत्वज्ञान और उनकी यह निस्वार्थ सेवा प्रमाणित करती है कि वे ही इस धरा पर पूर्ण परमात्मा कबीर साहिब के एकमात्र प्रतिनिधि और विश्व के उद्धारकर्ता हैं।

संत रामपाल जी महाराज के दिव्य ज्ञान को समझने के लिए आप उनके आधिकारिक यूट्यूब चैनल ‘Sant Rampal Ji Maharaj’ को सब्सक्राइब कर सकते हैं या उनकी पुस्तक “ज्ञान गंगा” निःशुल्क प्राप्त करने के लिए www.jagatgururampalji.org पर विजिट कर सकते है।

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