Kotak Mahindra Bank: आरबीआई का एक्शन कोटक बैंक की बढ़ी टेंशन, नए ऑनलाइन ग्राहक जोड़ने और नए क्रेडिट कार्ड पर रोक

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हाल ही में बीते बुधवार अर्थात 24 अप्रैल को रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने कोटक महिंद्रा बैंक (Kotak Mahindra Bank) की 2 साल की कमियों को उजागर करते हुए बैंक के खिलाफ सख्त कदम उठाकर बैंक के ऑनलाइन या मोबाइल बैंकिंग चैनल के जरिए नए ग्राहक जोड़ने तथा नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर रोक लगा दी है। हालांकि, पूर्व में बैंक के साथ संबंधित ग्राहकों की दूसरी सारी सुविधाओं को जारी रखा जाएगा।

  • आरबीआई ने कोटक महिंद्रा बैंक के खिलाफ लिया बड़ा एक्शन, नए ऑनलाइन ग्राहकों को जोड़ने तथा नए क्रेडिट कार्ड जारी करने पर लगाई रोक
  • 1949 की धारा 35A के प्रावधान पर लिया एक्शन
  • मौजूदा ग्राहकों को मिलती रहेंगी सारी सुविधाएं
  • कोटक बैंक के आईटी सिस्टम में उजागर हुई कमियों के कारण आरबीआई ने उठाया सख्त कदम
  • रामनाम रूपी धन है जिसके पास, वही है वास्तविक धनवान

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने महिंद्रा कोटक बैंक (Kotak Mahindra Bank) की ऑनलाईन या मोबाइल चैनल के जरिये नए ग्राहक जोड़ने तथा नए क्रेडिट कार्ड बनाने वाली सुविधाओं पर रोक लगा दी है। RBI ने बताया कि बैंक के ऑनलाइन ऐप में कई बार गड़बड़ियां देखने को मिलीं और डिजिटल असुविधा जारी रही। साथ ही बताया गया कि बैंक द्वारा दो वर्षों में अपने कंप्यूटर और सॉफ्टवेयर अपडेट्स को नकारा गया और डाटा सिक्योरिटी संबंधी कोई उचित प्रबंध नहीं किया गया। जिसके कारण ग्राहकों को कई बार समस्याओं का सामना करना पड़ा। ग्राहकों की संख्या लगातार बढ़ रही रही है। और बैंक के पूर्व ग्राहकों को सुविधा न मिल पाने पर बैंक द्वारा किसी भी प्रकार की संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई।

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने जानकारी दी है कि कोटक महिंद्रा बैंक के साथ वारंट कार्रवाई की गई है, क्योंकि आईटी परीक्षण के दौरान बैंक में कई तकनीकी अवरोध देखने को मिले। कोटक बैंक ने उन अवरोधों को हल करने में कोई पहल नहीं की।

press note about rbi action on kotak mahindra bank
press note about rbi action on kotak mahindra bank

आरबीआई ने बताया कि बैंक के कोर बैंकिंग सिस्टम और ऑनलाइन/डिजिटल बैंकिंग चैनलों में कई बार अवरोध आया है, जिससे 2022–23 में ग्राहकों को असुविधा हुई है। आरबीआई के मुताबिक, Kotak Mahindra Bank जैसे बैंक अपनी आईटी इन्वेंट्री को प्रबंधित करते हैं और उसके डेटा सुरक्षा के तरीके में गंभीर दोष मिले हैं इसी कारण, RBI ने 1949 के आर्टिकल 35A के तहत बैंक पर कार्रवाई की है।

वर्ष 1949 का आर्टिकल 35A भारतीय विनियमन अधिनियम का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह धारा भारतीय बैंकिंग सेक्टर को नियंत्रित करती है और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) को सभी बैंकों के लाइसेंस प्रदान करने और उनके संचालन को निर्देशित करती है। इसके अनुसार RBI बैंकों को निर्देश दे सकता है, उनके कार्यक्रमों और कार्यों की निगरानी कर सकता है और जरूरत पड़ने पर उचित कार्रवाई भी कर सकता है, जिसमें बैंकों पर पाबंदी भी शामिल हो सकती है। हाल ही में RBI ने पेटीएम पेमेंट्स पर भी कार्रवाई की थी।

आरबीआई ने स्पष्ट किया है कि जिन ग्राहकों के पास पहले से क्रेडिट कार्ड है, उनकी सेवाएं जारी रहेंगी और उन्हें किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। साथ ही, मौजूदा सभी ग्राहकों को बांकी सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। यह एक बड़ा कदम है, जो ग्राहकों के हित में आरबीआई ने उठाया है।

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इसके साथ ही, आरबीआई ने यह भी बताया है कि बैंक द्वारा शुरू किए गए व्यापक बाहरी ऑडिट के पूरा होने पर इन प्रतिबंधों की समीक्षा की जाएगी और ऑडिट में बताये गए सभी व्यवधानों को दूर किया जाएगा। यह सुनिश्चित किया जायेगा कि ऐसी घटनाएं फिर से न हों, और ग्राहकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

RBI के इस निर्णय से बुधवार सुबह कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर 1.65 फीसदी या 29.90 रुपये तेजी के साथ 1,842.95 के लेवल पर क्लोज हुए हैं। इस बैंक की मार्केट कैपिटलाइजेशन 3.66 लाख करोड़ रुपये है। कोटक महिंद्रा बैंक प्राइवेट सेक्टर का बैंक है। इसके काफी सारे शेयरधारक हैं, जिन पर इस कार्रवाई का असर अवश्य पड़ेगा, क्योंकि इस कार्रवाई के बाद से ही कोटक बैंक के शेयरों में 10% तक गिरावट देखने को मिली है।

बैकिंग करवाई के बाद ग्राहकों में यह चिंता घर कर जाती है कि हमारे पैसे का क्या होगा। हालांकि RBI इनका ध्यान रखती है। हम भविष्य को मद्देनजर रखते हुए धन को बैंको में जमा करते हैं। संपत्ति, सुख का साधन है। लेकिन इस पर भी खतरा मंडराता है। इस संसार में एक ऐसा अनमोल धन भी है जो मानसिक, शारीरिक, पारिवारिक जीवन को सुखी करने के साथ ही मानव जीवन को सफल बनाने का प्रमुख साधन है। उसे संभाले रखना हमारे हाथों में हैं। क्या है वो “अनमोल धन” जो सर्व सुख दायक है।

आखिर वो “अनमोल धन” क्या है जो सर्व सुखदाई है। इसके बारे में संत रामपाल जी महाराज ने बताया है कि वह धन “राम नाम” रूपी धन है। जिसे तत्वदर्शी संत से प्राप्त करना होता है। गीता जी अध्याय 17 श्लोक 23 में प्रमाण है कि सर्व सुख देने वाले और सबका पालन करने वाले सच्चिदानंद घन ब्रह्म को प्राप्त करने का तीन मंत्र का जाप है जो वर्तमान में सिर्फ संत रामपाल जी महाराज के पास है। उस सर्व सुख दायक मोक्ष मंत्र को ही “राम नाम” रूपी धन कहते हैं।

इसके बारे में कबीर परमेश्वर जी ने कहा है कि

        “कबीर, सब जग निर्धना, धनवंता ना कोय।

   धनवंता सो जानिये, जा पै राम नाम धन होय।।”

Q.1 आरबीआई ने किस बैंक पर कार्रवाई की?  

Ans. आरबीआई ने महिंद्रा कोटक बैंक पर कार्रवाई की।

Q.2 कोटक महिंद्रा बैंक की ऑनलाइन सुविधाओं और क्रेडिट कार्ड को बैन क्यों किया गया?

Ans. आरबीआई के द्वारा कोटक महिंद्रा बैंक को वर्ष 2022 और 2023 में आईटी परीक्षण में उजागर हुई कमियों के कारण बैन किया गया।

Q.3 क्या कोटक महिंद्रा बैंक के मौजूदा ग्राहकों को मिलेगी सुविधा?

Ans. RBI ने स्पष्ट करके बता दिया है कि मौजूदा सभी ग्राहकों को सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी।

Q.4 कोटक महिंद्रा बैंक सरकारी है प्राइवेट?

Ans. कोटक महिंद्रा बैंक प्राइवेट सेक्टर का बैंक है।

Q.5 “राम नाम” रूपी धन की प्राप्ति कैसे होगी?

Ans. “राम नाम” रूपी धन की प्राप्ति तत्वदर्शी संत से होगी।

Q.6 वर्तमान में तत्वदर्शी संत कौन हैं?

Ans. वर्तमान में तत्वदर्शी संत सिर्फ संत रामपाल जी महाराज जी हैं।

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