Ghazipur Landfill Site Fire: गाजीपुर लैंडफिल साइट पर पाया आग पर काबू

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Ghazipur Landfill Site Fire: दिल्ली की तीन प्रमुख लैंडफिल साइट्स ओखला, गाजीपुर और भलस्वा हैं। गाजीपुर लैंडफिल साइट में रविवार शाम को आग लग गई थी जिसे काबू सोमवार रात तक पाया जा सका। इस आग के कारण दिल्ली, नोएडा और गाज़ियाबाद तक लोगों को समस्या का सामना करना पड़ा।

  • गाजीपुर लैंडफिल साइट में लगी अग्नि पर हुआ काबू
  • गर्मियों में लैंडफिल साइट में आग लगना आम
  • पुलिस ने दर्ज की एफआईआर 
  • कचरे में आग लगने की जांच का आदेश
  • लैंडफिल साइट के कचरा निस्तारण का कार्य धीमा

Ghazipur Landfill Site Fire: रविवार को गाजीपुर के लैंडफिल साइट में भीषण आग लगने से वायु में प्रदूषण की समस्या बढ़ गई। दमकल (फायर ब्रिगेड) के अधिकारी के अनुसार उन्हें पांच बजकर बाइस मिनट पर आग लगने की सूचना मिली और वे सभी इसे बुझाने में जुट गए। 3000 वर्गमीटर में लगी इस आग को बुझाने के लिए 6 फायर ब्रिगेड की गाड़ियों, 16 एक्सकेवेटर, 2 बुलडोजर की मदद ली गई। स्प्रिंकलर की सहायता से धूल और राख को फैलने से बचाया गया। दिल्ली नगर निगम ने 600 मैट्रिक टन यानी निर्माण कार्य से निकला मलबा भी आग पर काबू पाने के लिए प्रयोग किया।

गर्मियों में इन कचरों के ढेर में आग लगना सामान्य बात है। किंतु इसके कारण जहरीली गैस और धुंए से दिल्ली, नोएडा के लोगों को समस्या का सामना करना पड़ता है। लैंडफिल साइट में लगी इस आग का प्रभाव भी कुछ ऐसा था। वायु प्रदूषण से सांस लेने में समस्या, नाक – गले में जलन, आंखों में जलन का सामना लोगों को करना पड़ा जिसमें बच्चे भी शामिल हैं। यह समस्या इंदिरापुरम, खोड़ा, मयूरविहार, वसुंधरा, वैशाली, दल्लूपुरा की कालोनियों में अधिक हुई। ऐसी घटना से श्वास के मरीजों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा तकलीफ झेलनी होती है। ऐसी स्थिति में लोग प्रशासन को जिम्मेदार ठहराते हैं। कई रिसर्च में सामने आया है कि यहां का भूमि जल भी संक्रमित है। 

Ghazipur Landfill Site Fire: दिल्ली महापौर शैली ओबेरॉय ने एक्स (पूर्वनाम ट्विटर) पर सांत्वना प्रकट करते हुए गाजीपुर  के छोटे हिस्से में आग की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मौके पर सभी अधिकारी मौजूद हैं। उन्होंने स्थान का निरीक्षण किया और घटनास्थल के नियंत्रण में होने की जानकारी दी। आग लगने के कारण शुष्क और गर्म वातावरण बताया जा रहा है। 

दिल्ली में गाजीपुर लैंडफिल साइट में लगी आग के मामले को लेकर पुलिस ने कुछ अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ धारा 336 और 278 के तहत एफआईआर रिपोर्ट दर्ज की है। सोमवार को एक टीम घटनास्थल पर मुआयना करने भी पहुंची थी और कुछ सबूत भी जुटाए थे। आग लगने के कारणों के विषय में अभी तक पुलिस ने कोई बयान जारी नहीं किया है। 

Ghazipur Landfill Site Fire: गाजीपुर  लैंडफिल साइट का निस्तारण किया जा रहा है किंतु गति बहुत धीमी है। पिछले पांच वर्षों से 25 ट्रामेल मशीन की मदद के बावजूद केवल 46 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण अब तक हो सका है।अब भी लगभग 84 मीट्रिक टन कचरा बाकी है। दिल्ली नगर निगम द्वारा दूसरी एजेंसी को भी यह कार्य सौंपने की बात बताई गई। स्थाई समिति के गठन न होने के कारण दूसरी एजेंसी को कार्य सौंपने की प्रक्रिया अधूरी पड़ी है। लैंडफिल साइट के 5-6 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले लोगों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है।

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आसपास के लोग इसके धुंए, बदबू और प्रदूषण से परेशान रहते हैं। लैंडफिल साइट पूरी तरह खाली करने के लिए वर्ष 2026 तक का समय बताया जा रहा है। नगर निगम के अधिकारी अमित कुमार के अनुसार लैंडफिल साइट के लिए दूसरी एजेंसी का चयन स्थाई समिति के गठन के अभाव में रुका हुआ है। दिल्ली नगर निगम एक्ट के अनुसार कोई भी टेंडर स्टैंडिग कमेटी के अप्रूव करने के बाद ही लाया जा सकता है। 

Ghazipur Landfill Site Fire Report : एक रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली के घरों से प्रतिदिन 11352 टन कचरा निकलता है। इसका 35% लैंडफिल साइट में जमा कर दिया जाता है। लैंडफिल साइट के कारण वायु प्रदूषण तो होता ही है बल्कि कई रिसर्च में सामने आया है कि यह भूमि जल को भी दूषित करता हैं। जनसंख्या वृद्धि के साथ कचरे में वृद्धि सामान्य है। दिल्ली में गाजीपुर में लगी आग पर काबू तो पा लिया गया है लेकिन अब तक दिक्कत खत्म नहीं हुई है। वायु इस आग से प्रदूषित हुई और अभी प्रदूषण मुक्त नहीं हो सकी है।

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