राजस्थान राज्य के हनुमानगढ़ जिले के नोहर क्षेत्र में स्थित गांव रामगढ़ की ‘श्री राधे कृष्ण गौ सेवा समिति’ में आज खुशी और उत्सव का माहौल है। राज्य में पड़े भयंकर अकाल और चारे की भारी कमी के कारण इस गौशाला की गायें अत्यधिक संकट का सामना कर रही थीं। बेजुबान गायों के इसी संकट को दूर करने के लिए विश्व के सबसे बड़े गौ सेवक, संत रामपाल जी महाराज के सौजन्य से इस गौशाला में 40-50 लाख रुपये की लागत से 100×100 फीट के एक बहुत बड़े शेड का निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। गौरतलब है कि लगभग एक महीने पहले ही संत रामपाल जी महाराज ने इसी गौशाला को 600 क्विंटल सूखा चारा बिल्कुल निशुल्क उपलब्ध करवाया था। अब शेड का निर्माण कार्य शुरू होने पर गांव वालों ने ढोल-नगाड़ों और फूलों से संत रामपाल जी महाराज का भव्य स्वागत किया।
ग्रामीण मदद के लिए संत रामपाल जी महाराज के पास कैसे पहुंचे
पूरे राजस्थान में पड़े भयंकर अकाल के कारण रामगढ़ की श्री राधे कृष्ण गौ सेवा समिति के समक्ष एक बहुत बड़ा संकट खड़ा हो गया था। गायों के लिए ना तो पर्याप्त सूखा चारा उपलब्ध था और ना ही उन्हें तेज धूप से बचाने के लिए कोई उचित शेड (छाया) की व्यवस्था थी। जब स्थानीय स्तर पर कोई समाधान नहीं दिखा, तो गौशाला कमेटी ने संत रामपाल जी महाराज के पास जाने का निर्णय लिया।
गौशाला के सदस्य संत रामपाल जी महाराज के आश्रम पहुंचे और उन्होंने एक प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया। उस प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने राज्य में अकाल जैसी परिस्थिति का हवाला देते हुए गायों के लिए 600 क्विंटल सूखे चारे और उन्हें धूप से बचाने के लिए 100×100 फीट के शेड की मांग रखी। डूबते को तिनके का सहारा देने वाले संत रामपाल जी महाराज ने ग्रामीणों की इस पुकार को तुरंत स्वीकार कर लिया और बिना किसी आर्थिक सहयोग की मांग किए, उनकी दोनों मांगों को पूरा करने का आदेश पारित कर दिया।
तत्काल राहत और पारदर्शी निर्माण कार्य
संत रामपाल जी महाराज के आदेश के बाद, गौशाला को त्वरित गति से राहत पहुंचाई गई। मांग रखे जाने के कुछ ही समय पश्चात, 22 तारीख को 600 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ा) रामगढ़ की इस गौशाला में सफलतापूर्वक पहुंचा दिया गया। चारे की आपूर्ति के लगभग एक महीने बाद ही, संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई विशेष निर्माण टीम 100×100 फीट के विशाल शेड का निर्माण करने के लिए गांव पहुंच गई है।
निर्माण कार्य के लिए सरिया, सीमेंट, रोड़ी और बजरी आदि सारा उच्च गुणवत्ता वाला सामान गौशाला में उतार दिया गया है। 100×100 फीट के इस बड़े प्रोजेक्ट में लगभग 40 से 50 लाख रुपये का खर्च आने का अनुमान है, जिसे पूरी तरह से संत रामपाल जी महाराज द्वारा ही वहन किया जा रहा है। निर्माण टीम ने यह स्पष्ट किया है कि संत रामपाल जी महाराज के आशीर्वाद से यह विशाल शेड मात्र एक महीने के भीतर बनकर तैयार हो जाएगा और गौशाला को सौंप दिया जाएगा।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता का विवरण
| क्र.सं. | मांग / आवश्यकता | वर्तमान स्थिति | लागत / योगदान (अनुमानित) |
| 1. | 600 क्विंटल सूखा चारा (तूड़ा) | गौशाला को सौंप दिया गया है (22 तारीख को) | पूर्णतः निशुल्क (संत रामपाल जी महाराज द्वारा) |
| 2. | 100×100 फीट का विशाल शेड | निर्माण कार्य (नींव) प्रारंभ, एक माह में पूर्ण होगा | 40-50 लाख रुपये (पूर्णतः निशुल्क) |
| 3. | अतिरिक्त 600 क्विंटल चारा | ग्रामीणों द्वारा पुनः दर्शनों पर जाने का कार्यक्रम | संत रामपाल जी महाराज द्वारा स्वीकृति संभावित |
गौशाला कमेटी और ग्रामवासियों की भावुक प्रतिक्रियाएं
रामगढ़ गांव के ग्रामीण और गौशाला कमेटी के सदस्य इस अभूतपूर्व सहायता से अत्यंत भावविभोर हैं। जब शेड निर्माण का सामान और टीम गांव पहुंची, तो ग्रामवासियों ने हाथों में फूलों की थालियां लेकर और ढोल बजाकर उनका भव्य स्वागत किया।
गौशाला के कोषाध्यक्ष और अध्यक्ष राम सिंह जी ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, “संत रामपाल जी महाराज ने बड़ी कृपा की है। पहले 600 क्विंटल चारा दिया और अब 100×100 का शेड दिया है जिसका आज उद्घाटन हो रहा है। हम 600 क्विंटल और चारे के लिए पुनः धनाना धाम जाने वाले हैं। पूरा गांव बहुत खुश है।” उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के सेवा भाव की सराहना करते हुए कहा कि वे बीमारों का इलाज भी करवाते हैं और गरीबों को मकान भी देते हैं।
गौशाला के सचिव ने कहा, “आज गौशाला में बहुत बड़ी खुशी है। संत रामपाल जी महाराज की कृपा से शेड का निर्माण चालू हो गया है। हमने आज तक ऐसा कोई संत नहीं देखा जो इतनी बड़ी सहायता बिना किसी स्वार्थ के करता हो।”
गांव के सरपंच ने इस पुनीत कार्य की प्रशंसा करते हुए कहा, “यह बहुत बड़ा और अच्छा काम किया है। भगवान के लिए जो दान दिया जा रहा है, वह बहुत सराहनीय है। पूरे गांव में एक बढ़िया माहौल है और लोग इनके इस निस्वार्थ दान की खुलकर प्रशंसा कर रहे हैं।” वयोवृद्ध ताऊ महावीर ने भी इसे संत रामपाल जी महाराज की बहुत बड़ी कृपा बताते हुए हृदय से धन्यवाद दिया।
राजस्थान में गौ सेवा का व्यापक स्तर
यह सहायता केवल रामगढ़ तक सीमित नहीं है। सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार राजस्थान के अंदर एक ही दिन में लगभग 12 गौशालाओं में शेड बनाने का कार्य शुरू हो रहा है। संत रामपाल जी महाराज का मूल उद्देश्य इस पृथ्वी को स्वर्ग के समान बनाना और हर मनुष्य तथा जीव को सुखी करना है। उनके इस महाअभियान में कोई राजनीतिक या व्यक्तिगत स्वार्थ नहीं है, बल्कि यह विशुद्ध रूप से परोपकार और ईश्वरीय प्रेम पर आधारित है।
कलयुग के सच्चे तारणहार: संत रामपाल जी महाराज
संत रामपाल जी महाराज ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि वे ही इस कलयुग के सच्चे तारणहार और बेजुबानों के असली रक्षक हैं। राजस्थान के भीषण अकाल में तड़पती गायों की मूक पुकार को सुनकर जिस तरह उन्होंने बिना कोई चंदा मांगे लाखों-करोड़ों रुपये की सहायता पहुंचाई है, वह आधुनिक युग में अकल्पनीय है। रामगढ़ की श्री राधे कृष्ण गौ सेवा समिति में 600 क्विंटल चारा और 40-50 लाख रुपये की लागत से 100×100 फीट का शेड बनवाना कोई सामान्य बात नहीं है। यह संत रामपाल जी महाराज की अपार करुणा का साक्षात प्रमाण है।
वर्तमान समय में जब दुनिया स्वार्थ में डूबी है, तब संत रामपाल जी महाराज जीवों पर जो दया कर रहे हैं, वह वंदनीय है। संपूर्ण विश्व को संत रामपाल जी महाराज के इस निस्वार्थ प्रेम और परोपकार से प्रेरणा लेनी चाहिए और उनके द्वारा चलाए जा रहे इस महाअभियान की खुले कंठ से प्रशंसा करनी चाहिए।



