हरियाणा के जिला सोनीपत स्थित गांव धनाना में पूरे गांव की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करते हुए एक विशाल सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। गांव में विवाह समारोह, पंचायत, सामाजिक बैठक और सामूहिक आयोजनों के लिए कोई उचित सार्वजनिक स्थान उपलब्ध नहीं था। ग्राम पंचायत और गणमान्य ग्रामीणों ने मिलकर संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सामुदायिक केंद्र की आवश्यकता को लेकर प्रार्थना रखी। प्रार्थना स्वीकार होते ही संत रामपाल जी महाराज के आदेश से इसका निर्माण तुरंत आरंभ करवा दिया गया। इससे पूर्व जिस स्थान पर यह निर्माण शुरू हुआ, वह जमीन 60 वर्षों से अनुपयोगी थी और वहां 12 फीट गहरा गड्ढा, गंदगी व गंदा पानी भरा रहता था।
गांव की मौजूदा स्थिति ने क्यों बढ़ाई मदद की जरूरत
गांव धनाना में सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन के लिए लंबे समय से गंभीर असुविधा बनी हुई थी। ग्रामीणों के अनुसार किसी भी सामूहिक कार्यक्रम या बाहर से आने वाली पंचायतों को बैठाने के लिए कोई सुरक्षित और व्यवस्थित जगह मौजूद नहीं थी। जिस पंचायती जमीन पर यह निर्माण शुरू हुआ, वह जगह 12 फीट गहरी थी और लगभग 60 वर्षों से अनुपयोगी पड़ी थी। ग्रामीणों ने बताया कि वहां गंदा पानी, कचरा और झाड़ियां थीं, जिससे मच्छर पनपते थे और बच्चों के डूबने का जोखिम बना रहता था। ग्राम पंचायत ने पहले सरकार से भी सामुदायिक भवन की मांग की थी, किंतु कोई सुनवाई नहीं हुई। ऐसी स्थिति में गांव की सभी 36 बिरादरियों के साझा उपयोग के लिए बाहर से मानवीय सहायता आवश्यक हो गई थी।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान की गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार गांव धनाना में सर्व-सुविधायुक्त सामुदायिक केंद्र का निर्माण कार्य शुरू करवाया गया है। निर्माण की तकनीकी और संरचनात्मक विशेषताएं इस प्रकार हैं:
- आयाम व क्षेत्रफल: मुख्य हॉल का आकार 81 × 47 फीट है। यह लगभग 4500 स्क्वायर फीट कवर्ड एरिया में तैयार होगा। कुल परिसर का क्षेत्रफल लगभग 2000 स्क्वायर मीटर है, जिसकी चारदीवारी और गेट भी बनाए जाएंगे।
- संरचना: भवन बेसमेंट के साथ दो मंजिला बनाया जा रहा है।
- सुविधाएं: इसमें एक विशाल हॉल, स्टेज, दो कमरे, एक कार्यालय (ऑफिस), रसोई (किचन), सीढ़ियां तथा महिलाओं व पुरुषों के लिए अलग-अलग शौचालय एवं स्नानघर शामिल हैं।
- सामग्री व गुणवत्ता: निर्माण में टाटा ए-ग्रेड लोहा, अल्ट्राटेक सीमेंट और अव्वल दर्जे की मजबूत ईंटों का उपयोग किया जा रहा है। 12 फीट गहरे गड्ढे को सुरक्षित बनाने के लिए मिट्टी का भराव किया गया है।
- बजट व समय-सीमा: सेवादार के अनुसार इस बड़े प्रोजेक्ट का कुल बजट लगभग 2 करोड़ रुपये के आसपास है और इसे लगभग 4 महीने में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
ग्रामीणों ने बताई मदद से बदलती तस्वीर
गांव धनाना के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने अपनी प्रतिक्रियाएं साझा कीं:
- अजीत सिंह: इन्होंने बताया कि यह भवन बेसमेंट सहित दो मंजिला बन रहा है। संत रामपाल जी महाराज की ओर से गांव में बस स्टैंड, स्टेडियम में विकास कार्य तथा कॉलेज जाने वाली छात्राओं के लिए निशुल्क बस जैसी सुविधाएं भी दी गई हैं।
- रामेहर (पूर्व सरपंच, धनाना): उन्होंने बताया कि बेटियों को कॉलेज जाने में बहुत परेशानी होती थी, जिसके समाधान हेतु तीनों गांवों (धनाना, नांदल और लाखनमाजरा) की छात्राओं के लिए कॉलेज तक निशुल्क बस सेवा शुरू करवाई गई।
- रामेश्वर राठी: इन्होंने बताया कि सरकार से मांग करने पर भी सुनवाई नहीं हुई थी, जबकि संत रामपाल जी महाराज के समक्ष प्रार्थना रखते ही तुरंत मंजूरी मिल गई। गांव में मरीजों के लिए 5 मिनट में एंबुलेंस सुविधा तथा स्कूल व अस्पताल में भी कार्य करवाए गए हैं।
- बुजुर्ग ग्रामीण: उन्होंने स्पष्ट किया कि 60 वर्षों से 12 फीट गहरे गड्ढे और बीमारी के घर बनी अनुपयोगी जमीन को मिट्टी भरकर सुधारा गया। अब सभी 36 बिरादरियों को शादी और पंचायत के लिए एक बेहतर छत मिलेगी।
- अनिल (सरपंच, गांव धनाना): सरपंच ने बताया कि गांव वालों ने मिलकर अरदास लगाई और संत रामपाल जी महाराज ने बिना देरी किए इसे तुरंत मंजूरी दे दी। उन्होंने कहा कि जितनी सुविधाएं संत रामपाल जी ने दी हैं, उतनी सरकारी स्तर पर भी नहीं मिल सकी थीं।
जवाबदेही और पारदर्शिता
ग्रामीणों और सरपंच ने बताया कि सामुदायिक केंद्र की मांग प्रस्तुत करते ही बिना किसी प्रशासनिक देरी के तत्काल स्वीकृति दे दी गई। प्रार्थना स्वीकार होने के तुरंत बाद मशीनें और सामग्री मौके पर पहुंच गईं तथा कार्य धरातल पर शुरू हो गया। यह परियोजना संत रामपाल जी महाराज की व्यापक ‘अन्नपूर्णा मुहिम‘ के तहत संचालित की जा रही है। वीडियो में सेवादारों ने स्पष्ट किया कि सभी सामाजिक कार्य अनुयायियों के सेवा-सहयोग और उच्च गुणवत्ता वाली सामग्री के साथ पारदर्शी ढंग से जनहित में किए जा रहे हैं।
एक समाज सुधारक के रूप में संत रामपाल जी महाराज
गांव धनाना में शुरू हुआ यह निर्माण कार्य संत रामपाल जी महाराज के ग्रामीण कल्याण और सामाजिक समरसता के दृष्टिकोण को दर्शाता है। यह केंद्र किसी एक वर्ग के लिए नहीं, बल्कि गांव की सभी 36 बिरादरियों के सामाजिक, पारिवारिक और पंचायत कार्यों के लिए समर्पित किया गया है। अन्नपूर्णा मुहिम के तहत रोटी, कपड़ा, मकान, शिक्षा और चिकित्सा जैसी बुनियादी आवश्यकताओं के साथ-साथ सार्वजनिक अवसंरचना का विकास भी किया जा रहा है।
संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी उन्हें परमेश्वर कबीर जी के प्रतिनिधि और संकटमोचक के रूप में मानते हैं। उनकी ऐसी पहल करना लोगो का उनपर एक अटूट विश्वास और उनकी एक समाज सुधारक के रूप में एक विशेष छवि प्रस्तुत कर रही है। यह पहल ग्रामीण जीवन के उत्थान, वंचितों की सहायता और व्यावहारिक समाज सुधार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सामने आई है।



