प्राकृतिक आपदा, जलभराव और प्रशासनिक उपेक्षा जब एक साथ किसी बस्ती पर टूटती है, तो किसानों और ग्रामीणों का जीवन अत्यंत नर्कीय बन जाता है। हरियाणा के जिला रोहतक की लाखनमाजरा तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव खरैंटी की स्थिति भी ऐसी ही हृदयविदारक हो चुकी थी। गलियों और बस्तियों में चार-चार फीट रुके गंदे पानी व जोहड़ के ओवरफ्लो होने से ग्रामीणों का सांस लेना दूभर था। जब वर्षों के सरकारी चक्कर और कागजी प्रक्रियाएं पूरी तरह विफल हो गईं, तब गांव खरैंटी ने जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के चरणों में अपनी करुण पुकार रखी। विश्व के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज ने गांव के दुख को अपना दुख समझते हुए अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज 2 के तहत तुरंत राहत का विशाल काफिला गांव रवाना कर दिया।
गांव की वर्तमान स्थिति
गांव खरैंटी में पिछले कई वर्षों से गंदे पानी के भराव और तालाबों के ओवरफ्लो होने से भयानक तबाही मची हुई थी। ग्रामीणों की बस्तियों में तीन से चार फीट तक पानी भर जाता था। इस गंदे और नमकीन पानी के कारण घरों में गहरी दरारें आ चुकी थीं और अनेक मकान क्षतिग्रस्त हो चुके थे। पीने के स्वच्छ जल की कोई व्यवस्था नहीं थी; भूमिगत पानी इतना दूषित और खारा था कि लोगों को पीने का पानी लाने के लिए कई किलोमीटर दूर भटकना पड़ता था। दूषित पानी के कारण गांव के अनेक नौजवान और परिवारजन कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों की चपेट में आकर अकाल मृत्यु का ग्रास बन रहे थे। सरकार को भेजे गए सभी एस्टीमेट वर्षों से धूल फांक रहे थे और ग्रामीण पूरी तरह लाचार हो चुके थे।
ग्रामीणों की मार्मिक मांग
सभी प्रशासनिक दरवाजों से निराशा मिलने के बाद, गांव खरैंटी के सरपंच जगबीर जी और ग्राम पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें रखी थीं:
- गंदे पानी व जलभराव की निकासी हेतु 11,000 फीट (8 इंच) पाइपलाइन
- 10 हॉर्स पावर (HP) की शक्तिशाली मोटर
- कन्या विद्यालय और व्यायामशाला हेतु शुद्ध पेयजल के लिए वाटर कूलर व आरओ (RO)
- पेयजल संकट के स्थायी निवारण हेतु गहरा ट्यूबवेल
विश्व के सबसे बड़े दानवीर संत रामपाल जी महाराज द्वारा दी गई सहायता
संत रामपाल जी महाराज के दिव्य आदेश पर मात्र 24 घंटे के भीतर राहत सामग्री से लदी गाड़ियां गांव खरैंटी पहुंच गईं। अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज 2 के तहत सेवादारों की टीम ने गांव का प्राथमिक सर्वे किया। यह स्पष्ट निर्देश दिया गया कि पहले पाइपलाइन को जमीन के नीचे दबाकर बिछाया जाए, जिसके पश्चात मोटर स्थापित करने की पूरी प्रक्रिया व दिशा-निर्देश दिए गए। आवश्यकता पड़ने पर और अतिरिक्त पाइप देने का भी वचन दिया गया। संत रामपाल जी महाराज द्वारा निम्नलिखित सभी सामग्रियां पूर्णतः निःशुल्क और स्थायी रूप से प्रदान की गईं:
- 11,000 फीट 8-इंच उच्च गुणवत्ता वाले पाइप
- क्रॉम्पटन (Crompton) कंपनी की 10 HP हेवी-ड्यूटी मोटर
- एलएंडटी (L&T) कंपनी का इलेक्ट्रिकल स्टार्टर पैनल
- 20 फीट का सुंडिया (सक्शन होज़), रिड्यूसर वाल्व और एयर वाल्व
- लोहे की प्लेट, स्टील के नट-बोल्ट, फेविकोल, रबर और जैन क्लिप्स सहित संपूर्ण असेंबली
- 1200 फीट गहरा ट्यूबवेल (बोरिंग)
- बालिकाओं के सरकारी स्कूल के लिए 500 लीटर क्षमता का आरओ व 500 लीटर का वॉटर कूलर
- व्यायामशाला (अखाड़ा) के लिए 100 लीटर का आरओ व 100 लीटर का वॉटर कूलर
ग्रामीणों का भव्य स्वागत और मान-सम्मान
जैसे ही अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज 2 की गाड़ियां गांव खरैंटी में दाखिल हुईं, पूरे गांव में होली और दिवाली जैसा उत्सव छा गया। बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और युवा हाथों में पुष्पमालाएं लेकर सड़कों पर उतर आए। ग्रामीणों ने संत रामपाल जी महाराज के पावन स्वरूप को सिर पर धारण कर पूरे गांव में भव्य यात्रा निकाली और पुष्प अर्पित कर चरण वंदन किया। ग्रामीणों ने भावुक होकर कहा कि जो काम सरकारें वर्षों में न कर सकीं, वह संत रामपाल जी महाराज ने मात्र एक दिन में पूरा कर दिया।
ग्रामीणों की आवाज़
गांव खरैंटी के निवासियों ने संत रामपाल जी महाराज की दया पर अपने विचार व्यक्त किए:
- सरपंच जगबीर जी ने कहा: “हमारे लिए तो संत रामपाल महाराज जी भगवान हैं। जो काम चार साल में सरकार न कर सकी, वह महाराज जी ने 24 घंटे में कर दिया। आज जिस संत ने हमारे गांव को नाश होने से बचाया है, तो उस संत का नाम है भगवान रामपाल। हमने 11,000 फीट पाइप मांगे थे, उन्होंने सर्वे करवाकर और भी जरूरत पड़ने पर देने को कहा है।”
- गौशाला प्रधान एवं उपसरपंच ने कहा: “जो मांगते हैं दे देते हैं, तो यह भगवान ही कर सकता है। हमारे लिए तो संत रामपाल महाराज जी साक्षात भगवान हैं। बिहार में बाढ़ आई थी, वहां भी भोजन और रहने का प्रबंध महाराज जी ने करवाया।”
- एक बुजुर्ग ग्रामीण ने कहा: “स्कूल में वाटर कूलर आ गए, गंदे पानी की निकासी के लिए पाइपलाइन आ गई। संत रामपाल जी महाराज ने बहुत बड़ा योगदान दिया है, हम तो धन्य हो गए।”
- ग्रामीण बुद्धिजीवी सतपाल जी ने कहा: “जिसका दृढ़ संकल्प पानी को पाताल से निकाल दे, वे समाज के सच्चे सुधारक हैं। वे सहयोग के तौर पर एक भगवान के रूप में हर जन के साथ खड़े हैं।”
विश्व उद्धारक एवं किसान मसीहा संत रामपाल जी महाराज
गांव खरैंटी में हुआ यह राहत कार्य इस बात का अकाट्य प्रमाण है कि जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज ही वर्तमान समय में विश्व उद्धारक, किसान मसीहा और एकमात्र पूर्ण संत हैं। वे कबीर परमेश्वर के एकमात्र सच्चे प्रतिनिधि हैं, जो धरती पर निष्काम भाव से सत्य भक्ति और सेवा का मार्ग प्रशस्त कर रहे हैं। अन्नपूर्णा मुहिम (किसान मजदूर बचाओ अभियान) फेज 2 के माध्यम से उन्होंने देश भर के सैकड़ों गांवों को जलभराव और विनाश से मुक्ति दिलाई है। संकटग्रस्त मानवता के लिए वे साक्षात ईश्वरीय स्वरूप बनकर उभरे हैं, जिनके मार्गदर्शन में समाज का हर वर्ग सुरक्षित और खुशहाल हो रहा है।



