उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले की गोवर्धन तहसील के अंतर्गत आने वाले गांव कमई में पिछले 25 से 30 वर्षों से जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई थी। गांव की लगभग 1000 बीघा कृषि योग्य भूमि जलमग्न होने के कारण बंजर हो चुकी थी। किसानों ने बताया कि अपनी उपजाऊ भूमि होने के बावजूद उन्हें पिछले 30 सालों से बाजार से अनाज खरीदकर अपना पेट भरना पड़ रहा था। गांव की 50% बस्ती चारों ओर से पानी से घिरी हुई थी, जिससे जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त था। ग्रामीणों ने प्रशासन और स्थानीय नेताओं के समक्ष तीन दशकों तक गुहार लगाई, परंतु उन्हें केवल कोरे आश्वासन प्राप्त हुए। तीन पीढ़ियों ने अपनी आंखों के सामने खेती की बर्बादी देखी थी और वे अपनी नियति मानकर हार मान चुके थे।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा तत्काल राहत और सामग्री वितरण
प्रशासनिक और राजनीतिक विफलता के पश्चात, कमई गांव की पंचायत ने संत रामपाल जी महाराज के समक्ष सहायता हेतु अर्जी प्रस्तुत की। अर्जी स्वीकार होने के पश्चात, संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से गांव में राहत सामग्री का एक विशाल काफिला भेजा। सेवादारों ने स्पष्ट किया कि गांव को प्रदान की गई यह सहायता पूरी तरह निशुल्क है और लगभग ₹40 लाख मूल्य की यह सामग्री अब ग्राम पंचायत की साझा धरोहर है।
संत रामपाल जी महाराज द्वारा भेजी गई राहत सामग्री की सूची निम्नलिखित है:
- 13,800 फुट पाइप: 8 इंची व्यास वाले मजबूत पाइप जल निकासी के लिए उपलब्ध कराए गए।
- चार विशाल मोटरें: 15 हॉर्स पावर (HP) की क्षमता वाली चार शक्तिशाली मोटरें।
- मोटर ब्रांड: क्रॉम्पटन (Crompton) और किर्लोस्कर (Kirloskar) कंपनी के ब्रांडेड मोटर और स्टार्टर।
- ट्रैक्टर कपलिंग सेट: पानी खींचने के लिए एक अतिरिक्त ट्रैक्टर कपलिंग पंखा (4×4)।
- विद्युत उपकरण: 80 फुट कॉपर तार, स्टार्टर, और मोटर के बीच लगने वाली 20-20 फुट की तारें।
- सहायक फिटिंग: प्रत्येक मोटर के साथ बैंड, निपल, क्लिप, एयर वाल्व और स्टील के नट-बोल्ट।
- फ्लेक्सिबल पाइप: प्रत्येक मोटर और पंखे के साथ 20-20 फुट का अलग फ्लेक्सिबल पाइप।
- सॉल्यूशन: पाइपों को मजबूती से चिपकाने के लिए विशेष सॉल्यूशन।
अन्नपूर्णा मुहिम के व्यापक सामाजिक कल्याणकारी कार्य
संत रामपाल जी महाराज ने अन्नपूर्णा मुहिम के माध्यम से केवल बाढ़ राहत ही नहीं, बल्कि समाज के हर असहाय वर्ग के लिए सेवाएं संचालित की हैं। अब तक 400 से अधिक गांवों में जल निकासी हेतु पाइप और मोटर की व्यवस्था की जा चुकी है।
मुहिम के अन्य प्रमुख घटक इस प्रकार हैं:
- शिक्षा सहायता: फीस की कमी के कारण पढ़ाई छोड़ने वाली बेटियों का स्कूलों और कॉलेजों में पुनः नामांकन करवाना।
- शैक्षणिक सामग्री: बैग, जूते, स्टेशनरी और ड्रेस की निशुल्क उपलब्धता।
- चिकित्सा और आवास: जरूरतमंदों के लिए चिकित्सा सुविधा और जिनके पास छत नहीं है, उनके लिए पक्के मकानों का निर्माण।
- दस्तावेज सहायता: असहाय परिवारों के आधार कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र बनवाना ताकि उन्हें सरकारी और सामाजिक लाभ मिल सके।
- राशन वितरण: विधवा बहनों और अत्यंत गरीब परिवारों तक मासिक राशन और कपड़ों की पहुंच।
राहत सामग्री और गांव का सांख्यिकीय विवरण
| विवरण | तथ्य और आंकड़े |
| स्थान | गांव कमई, तहसील गोवर्धन, जिला मथुरा (उत्तर प्रदेश) |
| समस्या की अवधि | 30 वर्ष (तीन पीढ़ियां प्रभावित) |
| प्रभावित कृषि भूमि | 1000 बीघा |
| प्रदाता | संत रामपाल जी महाराज (अन्नपूर्णा मुहिम) |
| पाइप की कुल लंबाई | 13,800 फुट (8 इंची) |
| मोटर की संख्या व क्षमता | 4 मोटरें (15 HP प्रत्येक) |
भविष्य के लिए प्रशासनिक निर्देश और तकनीकी निगरानी
संत रामपाल जी महाराज ने सेवादारों के माध्यम से ग्राम पंचायत कमई को एक औपचारिक निवेदन पत्र सौंपा है। इसमें सहायता के सदुपयोग और भविष्य की योजनाओं के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। महाराज जी ने स्वयं किसान परिवार से होने के कारण किसानों की पीड़ा को समझते हुए यह सख्त निर्देश दिए हैं कि इस सहायता का परिणाम धरातल पर दिखना चाहिए।
निवेदन पत्र के मुख्य बिंदु:
- समयबद्ध जल निकासी: ग्रामीणों को मिलकर निर्धारित समय में पानी निकालना होगा ताकि आगामी फसल की बिजाई सुनिश्चित हो सके।
- मदद का विस्तार: यदि 13,800 फुट पाइप और 4 मोटरों के बाद भी पानी नहीं निकलता, तो ग्रामीण और अधिक सामान की प्रार्थना कर सकते हैं, परंतु फसल की बिजाई अनिवार्य है।
- भविष्य की चेतावनी: यदि सामग्री मिलने के बावजूद फसल नहीं बोई गई, तो भविष्य में ट्रस्ट गांव की किसी आपदा में मदद नहीं करेगा।
- वीडियो दस्तावेजीकरण: संस्था ने ड्रोन द्वारा गांव के जलभराव की वीडियो बनाई है। जल निकासी के बाद और फिर लहलहाती फसल की वीडियो भी बनाई जाएगी।
- पारदर्शिता: इन वीडियो को आश्रमों में प्रोजेक्टर पर दिखाया जाएगा ताकि दानदाताओं को उनके धन के सही उपयोग का प्रमाण मिल सके।
ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया
कमई गांव के प्रधान और अन्य व्यक्तियों ने संत रामपाल जी महाराज की इस सहायता का भव्य स्वागत किया। जब राहत सामग्री का काफिला गांव से 1 किलोमीटर दूर था, तभी ग्रामीणों ने महाराज जी के स्वरूप पर पुष्प वर्षा शुरू कर दी। गांव के प्रधान ने सामग्री प्राप्त करते समय स्वीकार किया कि 30 साल से जो कार्य शासन-प्रशासन नहीं कर पाया, वह महाराज जी ने मात्र 4 दिनों में कर दिखाया।
स्थानीय विद्वानों ने महाराज जी की तुलना गोवर्धन पर्वत उठाने वाले परोपकारी स्वरूप से की। ग्राम पंचायत के सदस्यों ने निवेदन पत्र पर हस्ताक्षर कर महाराज जी के निर्देशों को स्वीकार किया और आश्वासन दिया कि वे मिलकर जल्द से जल्द जल निकासी पूर्ण करेंगे।
कृषि अर्थव्यवस्था और स्थायी समाधान पर अपेक्षित प्रभाव
संत रामपाल जी महाराज द्वारा प्रदान किए गए पाइप और मोटरों को जमीन में स्थायी रूप से दबाने का निर्देश दिया गया है। इससे भविष्य में होने वाली भारी वर्षा के दौरान भी जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान संभव होगा। यह पहल न केवल वर्तमान फसल को बचाएगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक अनमोल उपहार सिद्ध होगी। इससे गांव में कृषि आधारित रोजगार पुनः जीवित होगा और मजदूरों के घरों में भी खुशहाली आएगी। यह निस्वार्थ सेवा धार्मिक संस्थाओं द्वारा राष्ट्र निर्माण और समाज सेवा का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करती है।



