February 22, 2026

ढ़ाणी प्रेमनगर, हिसार के लिए बने मसीहा संत रामपाल जी महाराज: बाढ़ प्रभावित गांवों को दिया जीवनदान

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हरियाणा के हिसार जिले के तहसील बरवाला स्थित ढ़ाणी प्रेमनगर का गांव हाल ही में भीषण बाढ़ की चपेट में आ गया। खेतों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गईं, घरों में पानी घुस गया और पशुओं के लिए चारा तक उपलब्ध नहीं रहा। ग्रामीणों ने प्रशासन से बार-बार मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई राहत नहीं मिली। निराशा के इस माहौल में जब सभी उम्मीदें खत्म हो चुकी थीं, तभी संत रामपाल जी महाराज ने गांववालों के जीवन में नई उम्मीद जगाई है।

सुबह की प्रार्थना, शाम को राहत सामग्री

ढ़ाणी प्रेमनगर पंचायत ने सुबह संत रामपाल जी महाराज के सेवादारों से संपर्क किया और प्रार्थना पत्र सौंपा। संत जी के आदेश मिलते ही महज़ कुछ घंटों में राहत सामग्री लेकर काफिला गांव पहुंच गया।

गांव को तुरंत मिला:

  • 4500 फीट पाइप
  • 10 हॉर्स पावर मोटर
  • 50 मीटर केबल
  • स्टार्टर और फिटिंग का पूरा सामान

गांव के सरपंच सज्जन कुमार ने कहा:

“हमारे गांव में 50-60 एकड़ में पानी भरा हुआ था। प्रशासन ने कोई सहायता नहीं की। लेकिन संत रामपाल महाराज जी ने हमारी आवाज़ सुनी और कुछ ही घंटों में मोटर व पाइप गांव तक पहुँचा दिए। संत रामपाल जी महाराज जी को बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूं।”

ग्रामीणों की भावनाएँ

ग्राम पंचायत सदस्य चरणप्रीत सिंह ने भावुक होकर कहा:

“मैं संत रामपाल जी महाराज को हृदय से प्रणाम करता हूं, उन्होंने साफ हृदय और सद्भावना से हमारी सहायता की। हमने सुबह ही प्रार्थना की थी और शाम से पहले मोटर, पाइप और केबल गांव में आ गए। संत होने चाहिए तो संत रामपालजी महाराज जैसे ही होने चाहिए, जो पब्लिक की मदद करें; मैं बहुत आभारी हूं।”

गांव के वरिष्ठ शिक्षक और पूर्व प्रिंसिपल ने याद करते हुए कहा:

“जब मेरे स्कूल में सतलोक आश्रम बरवाला से 180 बच्चे पढ़ते थे, तब भी मैंने देखा कि संत रामपाल जी महाराज बच्चों की शिक्षा के लिए कितने गंभीर हैं। आज बाढ़ के समय उन्होंने हमारी जान बचाई है। मैं बहुत खुश हूं, हमारे साथी भी बहुत खुश हैं, क्योंकि जो सहायता हमें प्रशासन से नहीं मिली वो संत रामपाल जी से मिली है।”

अन्य गांवों तक पहुँची मदद

ढ़ाणी प्रेमनगर की तरह ही संत रामपाल जी महाराज ने हिसार और आसपास के कई बाढ़ग्रस्त गांवों में भी मदद पहुंचाई।

  • सिंधड़ गांव: 20,000 फीट पाइप, 4 मोटरें (15 HP), 10,500 फीट तार
  • बिठमड़ा गांव: 40,000 फीट पाइप, 6 मोटरें (20 HP), 1000 फीट तार
  • ज्ञानपुरा गांव: 20,000 फीट पाइप, 5 मोटरें (20 HP)
  • ब्याणा खेड़ा गांव: 15,400 फीट पाइप, 4 मोटरें (15 HP)
  • सुरेवाला गांव: 9,000 फीट पाइप, 2 मोटरें (20 HP)
  • नेहला (फतेहाबाद): 15,400 फीट पाइप, 2 मोटरें, 600 फीट केबल, पीने के पानी के पंप
  • खानपुर व सरसोद (हिसार): 12,000 फीट पाइप, 9 मोटरें
  • खेदड़ गांव (हिसार): 44,000 फीट पाइप, 5 मोटरें (15 HP)

इन गांवों में मोटरें, पाइप, स्टार्टर, तार और अन्य सामग्री देकर तत्काल राहत पहुंचाई गई।

विधायक का बयान

हल्द्वानी से कांग्रेस विधायक सुमित जी ने कहा:

“संत रामपाल जी महाराज का काम अभूतपूर्व है। आपने गरीबों के लिए मकान बनवाए, अन्नपूर्णा योजना चलाई, बाढ़ प्रभावित इलाकों में राहत पहुंचाई। यह काम सरकार को करना चाहिए था लेकिन आप कर रहे हैं। हमने अभी अपने उत्तराखंड के लिए भी बोला और सहायता मंगाई है; महाराज ने बोला वहां भी अवश्य मदद करेंगे।”

यह भी पढ़ें: संत रामपाल जी महाराज ने सुनी ज्ञानपुरा गांव की पुकार: 24 घंटे के भीतर बाढ़ पीड़ितों तक पहुँची करोड़ों की मदद

क्यों हैं संत रामपाल जी महाराज मसीहा?

1. समय पर सहायता – दूसरे महीनों लगा देता है, जबकि संत रामपाल जी महाराज के आदेश से घंटों में मदद पहुंची।

2. विशाल पैमाना – सिर्फ हिसार ही नहीं, बल्कि पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर तक लगातार राहत सामग्री भेजी गई।

3. किसानों के दर्द को समझना – स्वयं किसान परिवार से होने के कारण संत रामपाल जी किसानों की पीड़ा को अपनी पीड़ा मानते हैं।

4. समाज सुधार कार्य – शिक्षा, नशा मुक्ति, बेटी बचाओ, मुफ्त भोजन और मकान निर्माण जैसी अनगिनत सेवाएँ।

ग्रामीणों की आस्था

गांव के बुजुर्गों और युवाओं का कहना है कि संत रामपाल जी महाराज सिर्फ राहत नहीं, बल्कि जीवनदान दे रहे हैं। सुबह हमने प्रार्थना की थी और शाम को सारा सामान हमारे पास था। यह इंसान नहीं कर सकता। हमारे लिए संत रामपाल जी भगवान हैं।

संत रामपाल जी महाराज: आधुनिक युग के मसीहा

आज जब प्राकृतिक आपदाएँ बढ़ रही हैं और समाज में असमानता गहराती जा रही है, ऐसे में संत रामपाल जी महाराज जन-जन के लिए मसीहा बनकर सामने आए हैं। उनकी सेवाएँ किसी राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित नहीं, बल्कि मानवता के लिए हैं।

ढ़ाणी प्रेमनगर की यह घटना सिर्फ एक गांव की कहानी नहीं, बल्कि पूरे समाज के लिए प्रेरणा है। जब प्रशासन और राजनीति विफल हो जाती है, तब संत रामपाल जी महाराज जैसे संत ही मानवता को सहारा देते हैं।

उनकी त्वरित सहायता ने साबित कर दिया कि वे सिर्फ एक संत नहीं, बल्कि “जन-जन के मसीहा” हैं। पूरा वीडियो देखें 

संत रामपाल जी महाराज की बाढ़ राहत सेवासे जुड़े FAQs 

Q1. ढ़ाणी प्रेमनगर में संत रामपाल जी महाराज ने किस तरह से राहत पहुंचाई?

A1. ढ़ाणी प्रेमनगर में बाढ़ से फसलें और घर डूब गए थे। संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत 4500 फीट पाइप, 10 HP मोटर, 50 मीटर केबल और अन्य उपकरण भेजकर पानी निकालने का इंतज़ाम करवाया।

Q2. क्या यह राहत केवल ढ़ाणी प्रेमनगर तक सीमित रही?

A2. नहीं, संत रामपाल जी महाराज जी ने हिसार, फतेहाबाद, पंजाब, हिमाचल, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर तक बाढ़ प्रभावित गांवों में मोटरें, पाइप और पानी के पंप भेजकर सहायता की।

Q3. ग्रामीणों ने इस सहायता पर कैसी प्रतिक्रिया दी?

A3. ग्रामीण बेहद भावुक हुए। उनका कहना है कि प्रशासन ने कोई मदद नहीं की, लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने प्रार्थना के कुछ ही घंटों में राहत सामग्री पहुंचाकर जीवनदान दिया।

Q4. विधायक और अन्य जनप्रतिनिधियों ने इस सेवा पर क्या कहा?

A4. हल्द्वानी के कांग्रेस विधायक सुमित जी ने कहा कि यह कार्य सरकार को करना चाहिए था लेकिन संत रामपाल जी महाराज कर रहे हैं। उन्होंने इसे अभूतपूर्व और मानवता की सच्ची सेवा बताया।

Q5. क्यों लोग संत रामपाल जी महाराज को ‘मसीहा’ कह रहे हैं?

A5. समय पर राहत, विशाल पैमाने पर सहायता, किसानों की पीड़ा को समझना और निस्वार्थ समाज सेवा की वजह से लोग उन्हें आधुनिक युग का ‘जन-जन का मसीहा’ मानते हैं।

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