वर्तमान समय में जहाँ हर तरफ स्वार्थ और भौतिकता की अंधी दौड़ मची है, वहीं संत रामपाल जी महाराज मानवता और समाज सेवा की एक जीती-जागती मिसाल बनकर उभरे हैं। वे न केवल आत्माओं को सत्यभक्ति देकर उनका कल्याण कर रहे हैं, बल्कि समाज के हर वर्ग की निःस्वार्थ भाव से मदद भी कर रहे हैं। हाल ही में राजस्थान और हरियाणा के विभिन्न गांवों के लोगों ने उनके दर्शन किए और अपनी समस्याएं उनके समक्ष रखीं, जिनका संत जी ने तुरंत निवारण किया।
राजस्थान के बिल्लूवास व नंगला दादू गांव और हरियाणा के बधावड़ से पहुंचे ग्रामीणों की वार्ता का विस्तृत वर्णन:
बिल्लूवास (राजस्थान): गौमाता के लिए चारा, शेड और ट्रॉली की सौगात
राजस्थान के बिल्लूवास गांव से गौशाला के प्रधान और समस्त ग्रामवासी संत रामपाल जी महाराज के दर्शन करने पहुंचे। उन्होंने संत जी के समक्ष गौशाला की दयनीय स्थिति का वर्णन करते हुए बताया कि गौशाला में गायों के लिए चारे और शेड (Shed) की आवश्यकता है। इसके अलावा, गांव वालों ने मिलकर एक ट्रैक्टर तो खरीद लिया था, लेकिन उसके लिए ट्रॉली नहीं थी।
संत रामपाल जी महाराज ने बिना किसी विलंब के उनकी तीनों माँगें तुरंत स्वीकार कर लीं। उन्होंने गौमाता के लिए चारे की व्यवस्था, नया शेड बनवाने और ट्रैक्टर के लिए ट्रॉली देने का आश्वासन दिया। उनकी इस दयालुता को देखकर पूरा गांव खुशी से गदगद हो उठा।
नंगला दांदू (राजस्थान): जलभराव से फसलें बचाने के लिए 1000 लीटर डीजल की मदद
डीग जिले (राजस्थान) के नंगला दांदू गांव के सरपंच और ग्रामवासी अपनी एक बड़ी समस्या लेकर महाराज जी के पास आए। दरअसल, संत जी द्वारा गांव में पहले से ही एक सोलर पंप लगवाया गया था, लेकिन तकनीकी खराबी के कारण वह काम नहीं कर रहा था। भारी बारिश के चलते गांव के खेतों में पानी भर गया था जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही थीं।
सरपंच ने महाराज जी से निवेदन किया कि वे अपने ट्रैक्टरों और कपलिंग सेट से पानी बाहर निकालना चाहते हैं, जिसके लिए उन्हें डीजल की आवश्यकता है। दयालु संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत किसानों की पीड़ा को समझा और जलभराव की इस समस्या से निपटने के लिए 1000 लीटर डीजल की सहायता तुरंत मंजूर कर दी, ताकि किसानों की मेहनत बर्बाद न हो।
बधावड़ (हरियाणा): 4000 एकड़ फसल को बाढ़ से बचाया और ‘हाईटेक लाइब्रेरी’ की मंजूरी
बधावड़ गांव के पूर्व सरपंच, ब्लॉक समिति चेयरमैन और भारी संख्या में ग्रामवासी संत रामपाल जी महाराज का आभार व्यक्त करने पहुंचे। गांव वालों ने बताया कि कुछ समय पहले जब गांव में भयानक बाढ़ आई थी, तब संत रामपाल जी ने बड़ी-बड़ी मोटरें और भारी मात्रा में पाइप देकर गांव की 4000 एकड़ फसल को डूबने से बचाया था। ग्रामवासियों ने कहा कि इतनी बड़ी मदद उन्होंने आज तक कहीं नहीं देखी।
इसके साथ ही, चेयरमैन साहब ने गांव के बच्चों के भविष्य के लिए एक ‘हाईटेक लाइब्रेरी’ की मांग रखी, क्योंकि पढ़ाई के लिए बच्चों को दूर बरवाला जाना पड़ता था। संत जी ने मुस्कुराते हुए इस मांग को भी तुरंत स्वीकार कर लिया और सर्वे करवाकर जल्द ही हाईटेक लाइब्रेरी बनवाने का आश्वासन दिया।
संत रामपाल जी महाराज: समाज की अद्भुत मिसाल
संत रामपाल जी महाराज द्वारा किए जा रहे ये सामाजिक कार्य सिद्ध करते हैं कि एक सच्चा संत हमेशा समाज के हर जीव (चाहे वह इंसान हो या बेजुबान जानवर) के कल्याण के बारे में सोचता है। लेकिन उनका सबसे बड़ा परोपकार समाज को भौतिक सुख-सुविधाएं देना मात्र नहीं है, बल्कि उनका ‘सतज्ञान’ है।
संत रामपाल जी महाराज सभी पवित्र धर्मग्रंथों (श्रीमद्भगवद्गीता, वेद, कुरान, बाइबिल, गुरु ग्रंथ साहिब) के गूढ़ रहस्यों को खोलकर समाज को वह सत्य ज्ञान दे रहे हैं, जो आज तक किसी धर्मगुरु ने नहीं दिया। वे पूर्ण परमात्मा (कबीर साहेब) की वह शास्त्र-अनुकूल सत्यभक्ति बताते हैं, जिससे न केवल इस लोक में सुख-शांति मिलती है (जैसे नशा मुक्ति, दहेज मुक्त विवाह, और बीमारियों से छुटकारा), बल्कि मृत्यु के बाद जन्म-मरण के चक्र से सदा के लिए मुक्ति (पूर्ण मोक्ष) भी प्राप्त होती है।
आज जरूरत है कि सभी संत रामपाल जी महाराज के इस तत्वज्ञान को समझें, उनके सत्संग सुनें और उनसे नाम दीक्षा लेकर अपना मानव जन्म सफल बनाएं।



