हरियाणा के जींद जिले की नरवाना तहसील का फरेण गांव कुछ वर्ष पहले गंभीर जलभराव की समस्या से जूझ रहा था। लगातार पानी भरने के कारण यहां की खेती पूरी तरह प्रभावित हो चुकी थी। जहां कभी लहलहाती फसलें दिखाई देती थीं, वहां चारों ओर पानी ही पानी नजर आता था और किसानों के चेहरों पर गहरी निराशा साफ दिखाई देती थी।
स्थिति इतनी गंभीर हो गई थी कि लगभग 1500 एकड़ कृषि भूमि पानी में डूबी हुई थी। खेतों में तीन से चार फुट तक पानी जमा रहता था। खेती पर निर्भर इस गांव के लिए यह किसी बड़ी आपदा से कम नहीं था। किसानों के सामने फसल बर्बादी, पशुओं के लिए चारे की कमी और बढ़ते कर्ज जैसी कई समस्याएं खड़ी हो गई थीं।
जब उम्मीदें खत्म होने लगीं
फरेण गांव के किसानों ने इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से सहायता की गुहार लगाई। कई लोग गांव में आए, स्थिति का निरीक्षण किया और आश्वासन देकर चले गए, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया।
समय बीतता गया और खेतों में पानी जस का तस भरा रहा। किसानों को यह चिंता सताने लगी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो आने वाली फसल की बुवाई भी संभव नहीं हो पाएगी।
पंचायत ने उठाया अंतिम कदम
जब कोई रास्ता नजर नहीं आया, तब ग्राम पंचायत फरेण और गांव के जिम्मेदार लोगों ने एक अंतिम प्रयास करने का निर्णय लिया।
उन्होंने संत रामपाल जी महाराज के समाज सेवा कार्यों के बारे में सुना था। इसी विश्वास के साथ गांव की ओर से एक अर्जी तैयार की गई और खेतों से पानी निकालने के लिए आवश्यक संसाधनों की मांग की गई।
संत रामपाल जी महाराज के निर्देशानुसार मिली तुरंत सहायता
जैसे ही फरेण गांव की समस्या संत रामपाल जी महाराज तक पहुंची, उन्होंने तुरंत सहायता प्रदान करने का निर्देश दिया।
उनके मार्गदर्शन में चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत सेवा समिति को आदेश दिया गया कि आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था कर शीघ्र गांव तक पहुंचाई जाए। इसके बाद सेवादारों ने तुरंत राहत सामग्री तैयार करनी शुरू कर दी।
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गांव में पहुंचा राहत का काफिला
कुछ ही समय में फरेण गांव की चौपाल पर सहायता सामग्री से भरे वाहन पहुंच गए। संत रामपाल जी महाराज के आदेशानुसार गांव के लिए लगभग 9000 फुट लंबी 8 इंच की पाइपलाइन और दो शक्तिशाली 10 हॉर्सपावर की मोटरें उपलब्ध करवाई गईं।

इसके साथ ही स्टार्टर, बिजली की तारें, सुंडियां, पाइप जोड़ने के उपकरण और छोटे-छोटे नट-बोल्ट तक उपलब्ध कराए गए, ताकि किसानों को किसी भी प्रकार की अतिरिक्त परेशानी या खर्च का सामना न करना पड़े।
| क्रमांक | सामग्री | मात्रा / विवरण |
| 1 | पाइपलाइन | लगभग 9000 फुट (8 इंच) |
| 2 | मोटर | 2 (10 HP) |
| 3 | स्टार्टर | उपलब्ध |
| 4 | इलेक्ट्रिकल केबल | उपलब्ध |
| 5 | सक्शन पाइप | उपलब्ध |
| 6 | पाइप फिटिंग टूल्स | उपलब्ध |
| 7 | कनेक्टर्स | उपलब्ध |
| 8 | नट-बोल्ट व अन्य एक्सेसरीज | उपलब्ध |
दिन-रात चला जलनिकासी अभियान
संत रामपाल जी महाराज के मार्गदर्शन में अन्नपूर्णा मुहिम के तहत किसानों और सेवादारों ने मिलकर जलनिकासी का कार्य शुरू किया। दिन-रात चलने वाली मोटरों और पाइपलाइन की सहायता से खेतों में जमा पानी को धीरे-धीरे बाहर निकाला गया। यह कार्य निरंतर चलता रहा और कुछ ही महीनों में वर्षों से जमा पानी पूरी तरह निकाल दिया गया।
जहां पानी था, वहां अब फसल लहलहा रही है
आज फरेण गांव के खेतों की तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। जहां पहले पानी भरा रहता था, वहां अब दूर-दूर तक गेहूं की हरी-भरी फसल लहलहा रही है। ग्राम पंचायत के अनुसार अब लगभग 100 प्रतिशत भूमि पर बुवाई हो चुकी है और एक कनाल जमीन भी खाली नहीं बची है।
किसानों की जिंदगी में लौटी उम्मीद
किसानों का कहना है कि यदि समय पर पानी नहीं निकाला जाता तो उन्हें लाखों रुपये का नुकसान उठाना पड़ता। एक किसान ने बताया कि उसने ठेके पर जमीन ली हुई थी और उसे लगभग आठ लाख रुपये का नुकसान होने वाला था, लेकिन संत रामपाल जी महाराज से मिली सहायता के कारण अब वह अपनी फसल की उम्मीद फिर से देख पा रहा है।
ग्रामीणों ने जताया आभार
फरेण गांव के किसानों और पंचायत प्रतिनिधियों ने इस सहायता के लिए संत रामपाल जी महाराज के प्रति गहरा आभार व्यक्त किया। ग्रामीणों का कहना है कि यह सहायता केवल राहत नहीं, बल्कि पूरे गांव को संकट से बाहर निकालने वाला एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुई है।
नई हरियाली, नई उम्मीद
आज फरेण गांव के खेतों में लहलहाती फसल इस बात का प्रमाण है कि सही समय पर मिला सहयोग किस प्रकार एक पूरे गांव की तस्वीर बदल सकता है। संत रामपाल जी महाराज द्वारा चलाई जा रही अन्नपूर्णा मुहिम ने न केवल किसानों को संकट से उबारा, बल्कि उनके जीवन में नई उम्मीद और आत्मविश्वास भी जगाया है। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि सच्ची सेवा और समय पर की गई सहायता समाज में वास्तविक परिवर्तन ला सकती है।



