गृह मंत्रालय ने कोरोना महामारी को मध्य नज़र रखते हुए जारी किए नए दिशा निर्देश

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नई दिल्ली, एक ऐसा वायरस जिसने दुनिया में आतंक मचा रखा है, उसका नाम है कोविड-19, वही दूसरी ओर गृह मंत्रालय ने इसके प्रभाव को देखते हुए नए दिशा निर्देश लागू किये हैं जो 31 जनवरी तक लागू रहेंगे। करोना का प्रभाव पूरे भारत में ही नहीं, बल्कि पूरे विश्व में फैला हुआ है, जिसकी चपेट में लाखों ज़िंदगियां बर्बाद हो रही हैं। तो आइये जानते हैं कोविड-19 के कुछ दिशा निर्देश।

खास बातें

  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस की गाइडलाइन्स को 31 जनवरी 2021 तक बढ़ाने का किया फैसला
  • नए कोविड-19 मामलों में आ रही है लगातार गिरावट
  • पुरानी गाइडलाइन्स भी रहेंगी जारी
  • दिशा निर्देश पालन न करने पर होगा जुर्माना
  • आखिर कैसे काबू पाया जा सकता है कोरोना वायरस पर? • कौन है वो सच्चा परमात्मा
  • कबीर साहेब का प्रमाण

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बढाई कोरोना वायरस की गाइडलाइन्स

वैसे तो कोरोना के मामलों में कमी देखने को मिली है लेकिन फिर भी केंद्र सरकार ने कहा है कि दिशा निर्देओ की पालना करनी जरूरी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कोरोना वायरस की गाइडलाइन्स को 31 जनवरी 2021 तक बढ़ाने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि कोरोना वायरस के संक्रमण को रोकने के लिए कंटेनमेंट को लेकर जो चीजे पहले से चली आ रही है वो जस की तस चलती रहेंगी। गृह मंत्रालय ने कहा कि कंटेनमेंट जोन को सावधानीपूर्वक सीमांकित किया जाना जारी रहेगा।

नये कोरोना मामलों में आई है गिरावट

देखने को आया है कि कोरोना के मामलों में गिरावट देखने को मिली है और ठीक होने वाले मरीजों की संख्या बढ़ी है। अभी तक भारत में लगभग 10,689,527 मामले आ चुके हैं, 153,724 कुल मौतें हो चुकी हैं। इसके अलावा 10,359,305 लोग ठीक हो चुके हैं और सक्रिय मामले 176,498 हैं। वैसे तो ठीक होने वालो की संख्या ज़्यादा है लेकिन फिर भी सावधानी रखने की जरूरत है।

केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना के प्रभाव को देखते हुए पुरानी गाइडलाइन्स जारी रहेगी

केंद्र सरकार ने कहा है कि कोरोना के मामले कम हुए हैं लेकिन फिर भी हम इसके प्रभावों को नजरंदाज नहीं कर सकते। इसीलिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पुराने दिशा निर्देश भी जारी रखने को कहा है इसके अलावा गृह मंत्रालय ने राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों को कड़ाई से कोरोना वायरस के रोकथाम के उपाय, विभिन्न गतिविधियों पर एसओपी और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए अनिवार्य उपाय करने का निर्देश दिया है। इसमें कंटेनमेंट जोन में सख्ती जारी रहेगी। वहीं, 65 साल से ज्यादा आयु के व्यक्तियों और 10 साल से कम उम्र के बच्चों को घर में रहने की सलाह दी गई है, सिनेमाघर आदि में 50 फीसदी ही लोग बैठ सकते हैं, शादी में भी 200 से ज़्यादा लोग नहीं होने चाहिए आदि।

नियमों की पालना ना करने पर होगी सख्त कार्यवाही

केंद्र सरकार ने यह सख़्ती के साथ कहा है कि अगर कोई नियमों की पालना नही करता तो उस पर सख्त कार्यवाही की जा सकती है, इसके अलावा जुर्माना भी किया जा सकता है। जो लोग मास्क पहनने और सोशल डिस्टेंसग का पालन नहीं करेंगे उन पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है।

जानिए करोना वायरस को काबू पाने का तरीका

इन दिनो एक ही न्यूज़ ट्रेंडिग में है कोविड-19, जिसने पूरी दुनिया में तहलका मचा रखा है। अगर धार्मिक ग्रंथो की माने तो पूर्ण परमात्मा की भक्ति करने से घोर से घोर पाप और रोग का नाश हो जाता है कबीर साहेब की वाणी में भी लिखा है कि अगर सच्चे संत से नाम लेकर पूर्ण परमात्मा की भक्ति की जाए तो परमात्मा अपने भक्त की आयु भी बढ़ा सकता है। क्योंकि सच्चा संत परमात्मा का कृपा पात्र होता है।

माँसा घटे न तिल बढ़े, विधना लिखे जो लेख।
साचा सतगुरु मेट कर ऊपर मारें मेख।|

कौन है वो सच्चा मालिक जिसकी भक्ति से हर दुःख दूर हो सकता है?

अब आप सोच रहे होंगे परमात्मा तो सुना है लेकिन पूर्ण परमात्मा कैसा होता है और कौन है? तो पूर्ण परमात्मा उसे ही माना जा सकता है जो समर्थ हो हर काम करने में। वो परमात्मा कोई और नही बल्कि कबीर साहेब हैं। वही कबीर जी जो लगभग 600 साल पहले काशी (बनारस) में आये थे, वैसे तो हम उनके दोहे पढ़ते आये हैं लेकिन किसी ने नहीं सोचा होगा वो पूर्ण परमात्मा हैं। कबीर साहेब जी की वाणी में भी गुढ़ रहस्य छुपे हुए हैं, जिनको हर कोई नहीं समझ पाता। अधिक जानकारी के लिए Satlok Ashram Youtube चैनल Visit करें

कबीर साहेब ही भगवान हैं, इसका प्रमाण कहाँ पर है?

अब आप सोच रहे होंगे अगर कबीर साहेब भगवान है इसका प्रमाण कहाँ पर है। तो चलिए हम आपको बताते हैं कबीर साहेब के भगवान होने का प्रमाण किन ग्रंथो में है। वैसे तो कबीर साहेब ही भगवान है इसका प्रमाण पवित्र बाइबल, पवित्र कुरान शरीफ, पवित्र गीताजी, पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब में भी है, लेकिन फिर भी इसके इलावा वो और भी महापुरुषों से मिले जो कबीर साहेब के भगवान होने की गवाही भरते हैं। उनमे से आदरणीय नानक साहेब जी, आदरणीय धर्म दास जी, आदरणीय दादू साहेब जी, आदरणीय गरीब दास जी, आदरणीय मलुकदास जी आदि।

आदरणीय गरीब दास जी अपनी वाणी में कहते हैं:-

गरीब जिस कूं कहते कबीर जुलाहा।
सब गति पूर्ण अगम अगाहा।।

कैसे हासिल कर सकते है पूर्ण परमात्मा को?

यह तो आपने सुना ही होगा कि गुरु बिन मोक्ष नहीं हो सकता, क्योंकि गुरु ही वो कड़ी है जो आत्मा को परमात्मा से जोड़ती है। पूर्ण परमात्मा को पूर्ण गुरु से नाम दीक्षा लेकर ही हासिल किया जा सकता है और इस वक़्त वो सच्चा गुरु कोई और नहीं बल्कि संत रामपाल जी महाराज हैं। जिनके बारे में हमारे सदग्रंथों ने भी गवाही दे रखी है, इसके अलावा दुनिया भर के भविष्यवक्ता भी बताते हैं। उस संत के बारे में लिखा है उसके ज्ञान और बताई भक्ति से विश्व मे शांति स्थापित होगी और उसका बताया ज्ञान पूरे विश्व में फैलेगा। कबीर साहेब कहते हैं:-

कबीर, गुरु बिन माला फेरते, गुरु बिन देते दान।
गुरु बिन दोनों निष्फल हैं, पूछो वेद पुराण।।

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