Bihar lockdown News [Hindi]: बिहार राज्य में बढ़ते हुए करोना संकट को लेकर बढ़ाई गई अनलॉक की प्रक्रिया

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Bihar lockdown News Hindi: 147 दिन बीत चुके हैं परंतु कोरोनावायरस खत्म होने का नाम नहीं ले रहा ऐसे में सरकार के पास केवल एक ही मज़बूत उपाय बचा है जिससे वह कोरोना को फैलने से रोकने की अथक कोशिश कर रही है। बिहार एक तरफ बाढ़ की मार झेल रहा है तो दूसरी ओर कोरोना की। कोरोना संकट से जूझने के लिए बिहार सरकार ने राज्य में लॉकडाउन लगाए रखने का फैसला किया है। आइए जानते हैं क्या है नीतीश सरकार का लॉकडाउन पर फैसला।

  • बिहार में लॉकडाउन बढ़ाने को लेकर आया आज फैसला जिसे नीतीश सरकार ने छह सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया है। 
  • गृह विभाग के अपर मुख्य सचिव आमिर सुबहानी ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि राज्य में 6 सितंबर तक लॉकडाउन जारी रहेगा।
  • आठ जुलाई से बिहार की राजधानी पटना में लॉकडाउन लगाया था। फिर 16 जुलाई से पूरे राज्य में आंशिक लॉकडाउन लगाया गया, जिसके बाद इसे बढ़ाकर 31 जुलाई तक कर दिया गया।
  • बिहार में चल रही अनलॉक की प्रक्रिया रविवार को समाप्त हो गई , लेकिन कोरोना के बढ़ते आंकड़ों को देखकर इसे 6 सितंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है।

आइए जानते हैं लॉकडाउन में क्या खुलेगा और क्या बंद रहेगा

  • 6 सितंबर तक स्कूल और कॉलेज भी पूरी तरह सील रहेंगे।
  • शैक्षणिक संस्थान, माॅल, सिनेमाघर, पार्क और धार्मिक स्थल भी बंद रहेंगे।
  • दुकानदारों के लिए तय होगी समय सीमा।

Bihar lockdown News Hindi: बिहार में कोरोना के ताजा आंकड़े

बात करें कोरोना के आंकड़ों की तो बिहार में आज 2187 नए मामले सामने आए हैं, अब तक संक्रमितों की संख्या 1,04,093 हो चुकी है, जिसमें 537 लोगों की मौत हो चुकी है, तथा 72566 मरीज स्वस्थ हुए हैं। संक्रमितों के स्वस्थ होने की दर 70% रही है।
राज्य में अभी 30989 एक्टिव मरीज़ हैं जिनका इलाज अस्पताल में चल रहा है। बिहार में अभी रात्रि कर्फ्यू जारी रहेगा। 

Bihar lockdown News Hindi: कोविड-19 को लेकर बिहार सरकार सख्त

कोरोना संकट को देखते हुए बिहार सरकार पूरी तरह मुस्तैद है। प्रदेश के जिला, अनुमंडल, ब्लॉक मुख्यालय से लेकर नगर निकायों तक 16 अगस्त तक सख्ती जारी रही। शैक्षणिक संस्थान और धार्मिक स्थलों को पूरी तरह बंद रखा गया। रोडवेज बसें बंद थीं। केवल निजी वाहन, ऑटो व टैक्सी वालों को ही छूट दी गई।

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  • रात्रि 10 बजे से सुबह पांच बजे तक नाइट कर्फ्यू जारी रहा।
  • सभी शॉपिंग मॉल बंद रहे। रेंस्तरा और ढाबा को केवल पैकिंग की ही छूट दी गई।
  • सरकारी से लेकर निजी संस्थानों में सिर्फ 50 फीसदी कर्मियों को ही बुलाने की अनुमति दी गई तथा सभी राजनीतिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर पूरी तरह पाबंदी रही।
  • दुकानों को खोलने की अनुमति स्थानीय स्थिति के अनुसार जिला प्रशासन ने दी। माना जा रहा है कि अनलॉक के नए फेज़ में उपरोक्‍त व्‍यवस्‍था कुछ छूट के साथ लागू रहेगी।

16 अगस्त तक के अनलॉक की प्रक्रिया में इन्हें मिली छूट

  • फल-सब्जी, दूध, अनाज और मांस-मछली आदि की दुकानें खुली रही ।
  • होटल, रेस्त्रां व ढाबे आदि केवल होम डिलीवरी के लिए खुले रहे।
  • अस्पताल और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों और कार्यों को छूट दी गई ।
  • पुलिस, सुरक्षा और आपातकालीन सेवाएं खुली रही।
  • बैंक और एटीएम भी खुले रहे।
  • रेल व हवाई सफर को अनु‍मति दी गई।
  • ज़रूरी सेवाओं के लिए गाड़ियों के संचालन की मंजूरी।
  • सेना, केंद्रीय सुरक्षा बल, कोषागार, आपदा प्रबंधन, ऊर्जा क्षेत्र, डाकघर, बैंक, एटीएम और मौसम विभाग जैसी चेतावनी देने वाली एजेंसियाें को छूट दी गई। सार्वजनिक उपयोगिता (पेट्रोल, सीएनजी, एलपीजी) की एजेेंसियों को भी मिली छूट।
  • कृषि कार्य और उनसे संबंधित दुकानों को खोलने की छूट।

16 अगस्‍त तक के अनलॉक में कौन-कौन से कंटेंनमेंटज़ोन में छूट मिली और क्‍या-क्‍या प्रतिबंध लगाए गए, आइए जानते हैं

Bihar lockdown News Hindi: प्रतिबंधित ज़ोन

  • कंटेनमेंटज़ोन में सभी तरह की गतिविधियों पर प्रतिबंध जारी रहेगा।
  • सभी शैक्षणिक, प्रशिक्षण, शोध, कोचिंग संस्थान एवं शॉपिंग मॉल भी बंद रहेंगे। केवल ऑनलाइन और दूरस्थ शिक्षा की ही अनुमति दी गई।
  • राजनीतिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और खेल गतिविधियों को पूरी तरह बंद रखा गया।
  • राज्य के केंद्र सरकारों के कार्यालय, अर्धसरकारी व सार्वजनिक निगमों के कार्यालय 50 फीसदी कर्मचारियों के साथ काम कर रहे हैं। निजी कार्यालयों में ऐसा ही प्रावधान। केवल बिजली, पानी, कृषि, स्वास्थ्य, सिंचाई, खाद्य वितरण एवं पशुपालन विभागों को ही छूट दी गई।

तत्वदर्शी संत की शरण में जाने से मिल सकता है लाइलाज बीमारियों से छुटकारा

मनुष्य के दुखों का मूल कारण है पाप कर्म, पाप कर्म बढ़ जाने पर मनुष्य को बीमारियां घेर लेती हैं। बीमारी किसी भी प्रकार की हो सकती है (कैंसर, महामारी, टीबी, एड्स इत्यादि)। हमें कोई भी दुख , शारीरिक रोग तीन ताप के कारण होता है और तीन ताप का नाश केवल कबीर परमात्मा ही कर सकते हैं। पवित्र यजुर्वेद अध्याय 8 मंत्र 13 में प्रमाण है कि सत्य भक्ति करने वाले साधक के घोर पाप को पूर्ण परमात्मा नाश कर देता है। जब मनुष्य के पाप कर्म बढ़ जाते हैं तो पाप कर्म के कारण ही शरीर में रोग जन्म लेता है।

तैंतीस करोड़ देवी-देवता भी नहीं खत्म कर सकते महामारी

ब्रह्मा , विष्णु, महेश मनुष्य के पाप कर्म को नहीं काट सकते । यह तीनों देवता मृत्यु शैय्या पर पहुंच चुके व्यक्ति को जिंदा नहीं कर सकते क्योंकि ये सीमित शक्ति के भगवान हैं। असीमित शक्ति के भगवान तो कबीर परमेश्वर हैं जो किसी भी खतरनाक और लाइलाज बीमारी को जड़ से समाप्त कर सकते हैं।

Sant Rampal Ji Maharaj

ऋग्वेद मंडल नंबर 10 सुक्त 161 मंत्र 2 में लिखा है कि यदि रोगी मृत्यु के निकट पहुंच गया हो तो भी पूर्ण परमात्मा (कविर्देव) अपनी शरण में आए हुए साधक के रोग को नष्ट करके उसे 100 वर्ष की आयु प्रदान कर देता है।

सृष्टि रचनहार कबीर परमेश्वर हैं

माता पिता को अपनी सभी संतान हृदय से प्रिय होते हैं। संतान का रोग ,दुख और शारीरिक कष्ट माता पिता के हृदय को अति क्षति पहुंचाता है इसी प्रकार हम सबका पिता कबीर परमेश्वर है जो हम सभी आत्माओं का जनक और पिता है जिससे हमारे दुख देखें नहीं जाते। महामारी तो ‌काल का षडयंत्र है जिसे खत्म करने की दवा सुप्रीम डाक्टर कबीर के पास है।

सतभक्ति में छिपा है हर बीमारी का इलाज

पूर्ण परमात्मा कबीर परमेश्वर जी के अवतार जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से नाम दीक्षा लेकर भक्ति करने से असाध्य रोग से ग्रसित व्यक्ति भी तुरंत ठीक हो सकता है। सतभक्ति करने वाले व्यक्ति को कोई भी रोग, महामारी, प्राकृतिक आपदा और इनका भय कोई नुकसान नहीं पहुंचा सकते।

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