वर्तमान में अन्याय, अत्याचार और तानाशाही जेलर शमशेर सिंह दहिया

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वर्तमान में अन्याय, अत्याचार और तानाशाही का जीता जागता उदाहरण है हिसार जेलर शमशेर सिंह दहिया!

गोबर का भूंड है जेल सुपरिटेंडेंट शमशेर दहिया!

संत रामपाल जी महाराज सत्संग में गोबर के भूंड के बारे में बताते हैं। एक छोटा काला जीव है पंख वाला, उसे गोबर का महल बनाना बहुत पसंद है। सारा जीवन वह गोबर इकठ्ठा करने में लगा देता है कहीं गोबर खत्म न हो जाए। गोबर इकठ्ठा करने की प्रक्रिया में एक दिन वह वहीं किसी जानवर या मनुष्य के पैरों तले कुचला जाता है और मर जाता है। यही हाल अंत में माया इकट्ठी करने वाले मसखरों का होता है।
नाग के बारे में भी आपने सुना होगा कि नाग, मणि को अपने पास में रखने के लिए कैसे कुंडली मारे बैठा रहता है। ऐसा ही एक नाग है जेलर शमशेर दहिया। यह कोई मामूली नाग या गोबर का भूंड नहीं है। यह हिसार जेल नंबर 1 हरियाणा पर अपना फन फैलाए बैठा है और जेल में बंद कैदियों के साथ यह कुत्तों जैसा व्यवहार करता है। अपनी पुलिसाई ताकत के बल पर यह कैदियों को बहुत मारता, पीटता और यात्नाएं देता है। इसके ऊपर बैठे सभी मंत्री और सरकार के आला अधिकारी जानते हैं कि इसने कैसे मानवाधिकारों के परखच्चे उड़ाए हुए हैं पर सब चुप हैं क्योंकि यह सभी एक ही थाली के चट्टे-बट्टे हैं। सभी अपराधों में और जेल से होने वाली कमाई में बराबर की हिस्सेदारी जो है।

हिसार जेलर शमशेर सिंह दहिया स्वयं को कानून से ऊपर समझता है इसके खिलाफ सैकडों केस दर्ज हैं फिर भी ये भ्रष्टाचारी कानून की धज्जियां उड़ाते हुए आजाद घूम रहा‌ है, आखिर क्यों ?

शमशेर दहिया पिक्चर में कब आया

बरवाला कांड, नवंबर 2014 में निर्दोष संत रामपाल जी महाराज व उनके अनुयायियों को हरियाणा सरकार ने जबरन गिरफ्तार कर हिसार जेल नंबर 1 और 2 में बंद कर दिया था।
“इन सबका कसूर केवल इतना था कि इन्होंने कुछ नहीं किया था और जेलर और सरकार इनसे ज़बरदस्ती “हम देशद्रोही हैं” कबूल कराना चाहती थी, जो इन्होंने नहीं किया।

संत रामपाल जी महाराज जी से शमशेर सिंह दहिया ने खुले मुंह 50 लाख रूपए की रिश्वत मांगी थी और न देने पर हाथ पांव तोड़ने तक का डर दिखाया। ये तो जगजाहिर हो चुका है कि संत रामपाल जी महाराज जी कोई मामूली व्यक्ति नहीं हैं, वह एक परम संत हैं। संत रामपाल जी महाराज जी ने अपने और अपने अनुयायियों के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ न्यायालय में शिकायत दर्ज की परंतु शिकायत कराने के बावजूद भी शमशेर दहिया और इसके अंतर्गत आने वाले पुलिस वालों पर हरियाणा सरकार द्वारा कोई कड़ा एक्शन नहीं लिया गया। हिसार की जेलों में मानवाधिकारों की धज्जियां प्रतिदिन उड़ाई जा रही हैं क्योंकि बरवाला कांड में सरकार स्वयं दोषी है।
आपको आगे बताते हैं कि हिसार जेल में बंद प्रत्येक निर्दोष अनुयायी को ज़बरदस्ती जेल में डालने के बाद उसका स्वागत शरीर तोड़ पिटाई के साथ किया गया।
कई 2 दिन तक उन्हें भूखा प्यासा और नंगा रखा गया।
शमशेर सिंह दहिया इंसान होने के नाम पर वो कालिख है जो पैसे के लिए किसी की जान भी ले सकता है पर यह अकेला नहीं है जिनकी शह पर यह ऐसा कर रहा है उसके पीछे हरियाणा सरकार, प्रशासन, मंत्री, मुख्यमंत्री, पुलिस महकमा और भ्रष्ट जज सभी मिले हुए हैं।

इसके काले कारनामों की लंबी फेहरिस्त है, इसने जेल के सभी बर्तन ट्रक में भरवाकर बेच डाले। यह सरकारी राजस्व से प्रतिमाह 2 लाख रुपए कमाता है।
कैदियों से जबरन पैसे की वसूली करता है। महिला कैदियों के साथ अश्लील हरकतें करता है उन्हें नाचने पर मजबूर करता है। ऐसा घिनौना काम वही व्यक्ति करता है जिसे सरकार और पुलिस के आला अधिकारियों का सहयोग हो और जिसे मालूम हो, मैं जो भी गलत काम करूंगा मुझे कोई कुछ नहीं कहेगा। इसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं जिन पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है क्योंकि हरियाणा खट्टर सरकार से इसके अच्छे संबंध हैं या यूं कहें चोर चोर मौसेरे भाई हैं।

जेल में बंद कैदियों पर उत्पीड़न शोषण करना, महिला कैदियों के साथ अश्लील हरकतें करने वाला तथा कैदियों का राशन व बर्तन का घोटाला करने वाला पूर्व हिसार जेलर शमशेर दहिया हरियाणा सरकार से आशीर्वाद प्राप्त है जिस कारण इस पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस भ्रष्ट तानाशाही अधिकारी पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होना केवल शमशेर दहिया पर ही नहीं सरकार की नीतियों को भी शंका के घेरे में ले आया है।

जेल में अपना कानून और करेंसी चलाने वाला भ्रष्ट हिसार जेलर शमशेर सिंह दहिया जेल में बंद कैदियों के बर्तन बेचकर अपनी ऊपरी कमाई करता है। कैदियों से मारपीट कर पैसे लूटने वाला यह दरिंदा फिर भी अभी तक अपने पद पर विराजमान है। सैकडों अपराधों में लिप्त होने के‌ बाद भी हिसार जेल के‌ पूर्व जेलर शमशेर दहिया पर किसी भी तरह की कार्रवाई नहीं होना साबित करता है यह भ्रष्ट निर्लज अधिकारी सरकार का कृपा पात्र है।

शमशेर दहिया खुला सांड है जो सभी कैदियों को सींग मारता है। यह भूल गया परमात्मा के विधान को कि राज और पद सदा नहीं रहते।

“पाकर साथ पवन का तिनका, अम्बर तक उड़ जाता है
अपनी औकात भूल बावला, फूला नहीं समाता है,
रूके पवन जब पड़े ज़मीं, पैरों तले कुचला जाता है,

“तुमने उस दरगह का महल नहीं देखा,
धर्मराय के दरबार में तिल-तिल का लेखा”

संत रामपाल जी महाराज इस वाणी में कहते हैं कि तुमने धर्मराज का दरबार नहीं देखा है, वहाँ पर एक-एक तिल का हिसाब लिया जाता है अर्थात जैसा कर्म करेगा वैसा ही फल भोगना पड़ेगा।

देश की जनता से अनुरोध है कि विचार करें –

  • क्या जेलों में केवल अपराधी ही डाले जाते हैं ?
  • क्या निर्दोष लोग जेल में जबरन नहीं डाले जाते?
  • क्या जेलों में बंद लोगों को बिना शारीरिक उत्पीड़न के जीने का अधिकार नहीं है?
  • क्या उन्हें अपने परिजनों से मिलने का अधिकार नहीं है?
  • क्या मिलने आने वाले परिजनों को भी जबरन गिरफ्तार कर झूठे केस बना जेल में डाल देना चाहिए?
  • क्या जेलों में बंद गरीब का पैसा हड़प लिया जाना चाहिए?
  • क्या सरकार को बिना मनमानी के जनहित में इंसाफ नहीं करना चाहिए?
  • क्या मानवाधिकार आयोग को जेल में बंद कैदियों की खैर खबर नहीं लेनी चाहिए?

भले ही आज आप आज़ाद हैं। आपके परिजन, दोस्त आज़ाद हैं पर वो दिन आपकी ज़िन्दगी में कभी भी आ सकता है जब आप पर सरकार, पुलिस तथा भ्रष्ट प्रशासन झूठा मुकदमा बना आपको सलाखों के पीछे डाल दे और आप चीख चीखकर कहें कि मैं निर्दोष हूं, मैं निर्दोष हूं पर आपकी सुनने वाला कोई न होगा। उस दिन का इंतजार कतई न करें। जो अन्याय संत रामपाल जी महाराज व उनके अनुयायियों के साथ हो रहा है उसे देखिए- समझिए और उनका साथ दीजिए। हमें अपनी आवाज़ को बुलंद करना होगा और एकजुट होना होगा। यह भ्रष्टाचार के खिलाफ जंग है और सत्य की जीत निश्चित है।

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