February 27, 2026

खामणों के सतलोक आश्रम में 627वां कबीर प्रकट दिवस समारोह का भव्य आयोजन

Published on

spot_img

संप्रदाय और जाति-पांति के बंधनों से परे, एक ऐसा सामाजिक और धार्मिक आयोजन जहां समरसता और भाईचारे का पैगाम फैलाया जाएगा। हम बात कर रहे हैं संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में मनाए जाने वाले आगामी कबीर प्रकट दिवस की।

पंजाब के खामणों गांव स्थित विश्व प्रसिद्ध सतलोक आश्रम में आगामी 20 से 22 जून तक मनाए जाने वाले 627वें कबीर प्रकट दिवस महोत्सव की पूरी तैयारियां अंतिम चरण में हैं। सतगुरु रामपाल जी महाराज के निर्देशन में इस तीन दिवसीय भव्य समागम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।

जिस तरह से तैयारियां की गई हैं, उससे अनुमान लगाया जा सकता है कि इस अवसर पर देश के विभिन्न हिस्सों से लाखों की संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होंगे। पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के अलावा देश के दूर-दराज के इलाकों से भी लोग आएंगे। विदेशी श्रद्धालुओं की आमद भी होगी।

इस विशाल आयोजन की तैयारियों ने आश्रम में पूरा जोर पकड़ लिया है। इस विशाल समारोह के लिए सतलोक आश्रम परिसर में भव्य पंडालों की स्थापना की गई है। घी से निर्मित लड्डू, जलेबी आदि मिष्ठान व पकवानों की तैयारी चल रही है। इस समारोह से पहले आश्रम व आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता पर विशेष बल दिया जा रहा है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए भी पूरी व्यवस्था की गई है। 

इन तीन दिनों के दौरान एक विशाल और निरंतर चलने वाला भंडारा लगाया जाएगा, जिसमें देसी घी और उच्च गुणवत्ता के कच्चे माल से बने पकवान परोसे जाएंगे। लड्डू, जलेबी जैसी मिठाइयों के साथ-साथ दाल, चावल, सब्जी जैसे व्यंजन भी होंगे। भंडारा चौबीसों घंटे चलेगा और सभी मेहमानों के लिए खुला होगा। साथ ही शौचालय, स्नानघर, चार्जिंग स्थल, पार्किंग,  जैसी बुनियादी सुविधाओं का भी ध्यान रखा गया है।

संत रामपाल जी महाराज के अनुयायी पूरे उत्साह और जोश से इस समागम की तैयारियों में जुटे हैं। श्रद्धालुओं की हरसंभव मदद और सुविधा के लिए अनुयायियों की टीमें गठित की गई हैं। पहुंचने से लेकर वापस जाने तक, उनका हरसंभव ख्याल रखा जाएगा। गांव, शहरों, बस स्टैंडों और रेलवे स्टेशनों से श्रद्धालुओं को लाने-ले जाने के लिए वाहनों की भी पूरी व्यवस्था की गई है।

अनुमानित भारी भीड़ को देखते हुए सुरक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आश्रम परिसर और आसपास संत जी के अनुयायियों की एक सशक्त सुरक्षा व्यवस्था तैनात रहेगी जो अनुशासन बनाए रखने के साथ ही किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने में सक्षम होगी। साथ ही आश्रम में पूर्णतया धूम्रपान निषेध भी रहेगा।

समारोह के तहत कई समाज कल्याण से जुड़े कार्यक्रमों का भी आयोजन होगा। जिसमें मुख्य रूप से देहदान जागरूकता अभियान, रक्तदान शिविर और दहेजमुक्त विवाह समारोह (रमैणी) शामिल हैं। गरीब और अमीर बिना किसी भेदभाव के इन सभी गतिविधियों में शामिल हो सकते हैं।

यह पूरी तरह से धूम्रपान निषेध क्षेत्र होगा।  यहां किसी भी धर्म, जाति या वर्ग के आधार पर कोई भेदभाव नहीं बरता जाएगा। सभी का स्वागत एक समान रूप से किया जाएगा।

इस प्रकार संत रामपाल जी की शिक्षाओं पर आधारित यह विशाल समागम एक बार फिर सर्वधर्म समभाव, शांति और प्रेम के संदेशों को ज़ोर शोर से गूंजाएगा। 

प्रदर्शनी स्थल की सजावट शुरू हो चुकी है। यहां पर कबीर परमेश्वर के प्राकट्य और उनकी लीलाओं का अनूठे ढंग से चित्रण किया जाएगा। यहां पर चित्रों और लेखों के माध्यम से संत रामपाल जी के अनुयायी आने वाले श्रद्धालुओं को कबीर परमेश्वर की वास्तविक पहचान और उनकी अलौकिक लीलाओं से परिचित करवाएंगे। 

संत रामपाल जी के अनुयायियों का कहना है कि इस प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य कबीर साहेब के सच्चे स्वरुप को पेश करना है। वे बताते हैं कि कई लोग अभी भी उनके जीवन के बारे में गलत धारणा रखते हैं। ऐसे में इस प्रदर्शनी से सही जानकारी मिलेगी।

आगंतुकों के मन में कबीर जी की शिक्षाओं और सिद्धांतों के प्रति आदर और श्रद्धा भाव पैदा करना भी इस प्रदर्शनी का एक उद्देश्य है।

निष्कर्ष में, यह कहा जा सकता है कि सतलोक आश्रम खामनों में आगामी 627वें कबीर प्रकट दिवस समारोह एक अनूठा और शानदार आयोजन होने वाला है। इस तीन दिवसीय महोत्सव में अलौकिक सौंदर्य, धार्मिकता और मानवता की झलक देखने को मिलेगी।

सभी लोगों से विशेष आग्रह है कि वे अपने परिवार और दोस्तों के साथ इस समारोह में शामिल हों। यहां आपको न केवल भौतिक सुख-सुविधाएं उपलब्ध होंगी बल्कि आध्यात्मिक ज्ञान और शांति का भी अनुभव करने को मिलेगा। संत रामपाल जी महाराज की शिक्षाओं से आप एक नई दृष्टि प्राप्त कर सकेंगे।

1. खमानो कहां हैं?

उत्तर: खमानो भारत के पंजाब राज्य में स्थित एक शहर है। 

2. खमानो कैसे पहुंचें?

खमानो तक पहुंचने के लिए, आप कार, बस या ट्रेन से जा सकते हैं। आप पटियाला, लुधियाना या चंडीगढ़ से खमानो के लिए बस ले सकते हैं। यात्रा का समय लगभग 7-8 घंटे है।

ट्रेन द्वारा खमानों पहुंचने का रास्ता 

  •  खमानो का अपना रेलवे स्टेशन नहीं है।
  • आपको पटियाला या लुधियाना रेलवे स्टेशन तक ट्रेन लेनी होगी और फिर वहां से बस या टैक्सी लेनी होगी।
  • यात्रा का समय लगभग 8-9 घंटे है।
  • आप अपनी सुविधानुसार कोई भी तरीका चुन सकते हैं।

3. भंडारा कब से कब तक चलेगा?

उत्तर: भंडारा तीन दिन चौबीसों घंटा चलेगा।

4. सहायता हेतु खमानों आश्रम में कैसे संपर्क कर सकते हैं?

उत्तर: 8882914976

Latest articles

World Wildlife Day 2026: Know How To Avoid Your Rebirth As An Animal

Last Updated on 25 February 2026 IST: World Wildlife Day 2026: Every year World...

​हरियाणा/हिसार: संदलाना गांव के खेतों में फिर लौटी बहार, संत रामपाल जी महाराज ने असंभव को किया संभव

हिसार जिले की बरवाला तहसील का संदलाना गांव, जो कुछ समय पहले तक निराशा...

सिंघवा राघो में संत रामपाल जी महाराज ने संभव की असंभव बिजाई

हरियाणा के हिसार जिले का सिंघवा राघो गांव आज मानवता और निस्वार्थ सेवा की...

Kerala To Be Renamed ‘Keralam’: Union Cabinet Approves Proposal Ahead Of Assembly Polls

The Union Cabinet, chaired by Prime Minister Narendra Modi, has approved the proposal to...
spot_img

More like this

World Wildlife Day 2026: Know How To Avoid Your Rebirth As An Animal

Last Updated on 25 February 2026 IST: World Wildlife Day 2026: Every year World...

​हरियाणा/हिसार: संदलाना गांव के खेतों में फिर लौटी बहार, संत रामपाल जी महाराज ने असंभव को किया संभव

हिसार जिले की बरवाला तहसील का संदलाना गांव, जो कुछ समय पहले तक निराशा...

सिंघवा राघो में संत रामपाल जी महाराज ने संभव की असंभव बिजाई

हरियाणा के हिसार जिले का सिंघवा राघो गांव आज मानवता और निस्वार्थ सेवा की...