January 29, 2026

गुढ़ाण गाँव का निर्णायक मोड़: जब संत रामपाल जी महाराज जी ने गांव के दुख को अपना दुख समझ कर पहुंचाई बाढ़ राहत सामग्री

Published on

spot_img

गुढ़ाण गाँव, तहसील कलानौर, जिला रोहतक, महीनों तक विनाशकारी बाढ़ की भयावह मार झेलता रहा। लगभग पूरा कृषि क्षेत्र पानी में डूबा हुआ था, पशुधन संकट में था, और घरों में भयंकर दरारें पड़ चुकी थीं। सरकारी विभागों और राजनीतिक नेताओं के चक्कर पर चक्कर लगाने के बावजूद न तो कोई ठोस मदद मिली, न ही कोई समाधान। केवल कागज़ी औपचारिकताएँ और झूठे आश्वासन—यही उनका सहारा था।

ऐसे पूर्ण निराशा के क्षण में ग्रामीणों ने आशा की अंतिम किरण—संत रामपाल जी महाराज—की ओर रुख किया, जो हरियाणा के 300 से अधिक बाढ़-प्रभावित गाँवों में मानवता की मिसाल बन चुके है। ग्रामीणों ने अपनी हृदयपूर्ण विनती उनके चरणों में रखी, और उनकी दिव्य कृपा से तुरंत कार्रवाई शुरू हुई। जो काम सरकारी तंत्र महीनों में न कर सका, वह संत रामपाल जी महाराज ने कुछ ही दिनों में पूरा करवा दिया। उनकी प्रेरणा से पहुँची राहत सामग्रियाँ पूरी तरह निःशुल्क थीं—बिना किसी सिफारिश, कागज़ी झंझट या प्रक्रियाओं के।

गाँव की भयावह स्थिति

लगातार 3–4 महीनों तक रोहतक का गुढ़ाण गाँव पानी में डूबा रहा। ऐसी स्थिति थी कि गांववासियों का रहना तक मुश्किल लग रहा था:

  • 1300–1400 एकड़ खेती 3–4 फीट ठहरे पानी में डूबी रही।
  • खरीफ की पूरी फ़सल बर्बाद हो चुकी थी।
  • रबी की बुवाई असंभव हो गई थी।
  • पशुओं के लिए चारा समाप्त हो गया था, वे ढहने की कगार पर थे।
  • घरों में गहरी दरारें पड़ चुकी थीं।
  • सरकारी मोटरें नाकाफी थीं—एक-दो मोटर कभी-कभार चलतीं, पर पानी लगभग जस का तस।

दिन बीतते जा रहे थे और उम्मीद ख़त्म होती जा रही थी। किसी भी तरफ से कोई भी सहायता की उम्मीद तक नहीं दिख रही थी।

गाँव वालों की हृदयपूर्ण अरदास: संत रामपाल जी महाराज से सहायता की विनती

जब हर प्रयास विफल हो गया, तब गुढ़ाण पंचायत ने अपने आधिकारिक लेटरहेड पर एक विनती पत्र तैयार किया और संत रामपाल जी महाराज से मदद के लिए प्रार्थना की। इसमें उन्होंने आदरपूर्वक मांग की:

  • 10,000 फुट 8 इंच पाइप
  • पाँच 15 HP मोटर

इस आवेदन पर सरपंच और सभी पंच सदस्यों के हस्ताक्षर थे। गाँव वालों ने भावपूर्ण विश्वास के साथ कहा कि अब केवल वही एकमात्र दिव्य शक्ति हैं जो उन्हें बचा सकती हैं।

जैसे ही यह प्रार्थना उनके चरणों तक पहुँची, तुरंत कार्यवाही शुरू हो गई। ग्रामीणों ने कहा—“नेताओं ने बहाने दिए, पर उन्होंने पिता की तरह संरक्षण दिया।”

संत रामपाल जी महाराज की दिव्य कृपा से मिला सामग्री सहयोग (अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत)

अन्नपूर्णा मुहिम के तहत, और संत रामपाल जी महाराज की अनंत दया से, आवेदन देने के 4–5 दिनों के भीतर ही राहत का काफिला गुढ़ाण गाँव पहुँचा:

  • 10,000 फुट 8 इंच उच्च गुणवत्ता पाइप (45 किले के बराबर)
  • पाँच 15 HP हैवी ड्यूटी मोटर
  • सभी विद्युत स्टार्टर, फिटिंग, बोल्ट आदि
  • ट्रक किराया, इंस्टॉलेशन सहायता—सब कुछ निःशुल्क

ग्रामीणों के मानना था कि हमें एक कील तक खरीदनी नहीं पड़ी। सब कुछ दिव्य व्यवस्था से पूर्ण और समय पर मिला। यह चमत्कार हमने पहले कभी नहीं देखा।

Also Read: मुंडाल खुर्द में बाढ़ की तबाही से संत रामपाल जी महाराज की त्वरित मदद ने बचाया 

अस्थायी राहत नहीं—एक दूरदर्शी योजना

संत रामपाल जी महाराज ने एक पत्र के द्वारा गुढ़ाण ग्राम पंचायत को एक स्पष्ट और अनुशासित दृष्टि दी—स्थायी आत्मनिर्भरता की।


उन्होंने पत्र में कहा कि:

  • सामग्री का सदुपयोग अनिवार्य है
  • पानी शीघ्र निकाला जाए
  • अगली फ़सल समय पर बोई जाए

यदि ऐसा नहीं हुआ, तो आगे किसी सहायता के लिए ट्रस्ट से सहयोग नहीं रहेगा—यह शर्त गाँव वालों में अनुशासन और समन्वय की भावना उत्पन्न करने हेतु रखी गई। विश्वास और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु उन्होंने यह भी अनिवार्य किया कि:

  • राहत के पहले का ड्रोन फुटेज
  • राहत के बाद का फुटेज
  • और फ़सल के पूर्ण विकसित होने के बाद का फुटेज सभी लिया जाएँ और यह सभी सतलोक आश्रमों में प्रसारित किया जाएगा, ताकि दानकर्ताओं को सुनिश्चित हो कि उनका सहयोग नैतिक रूप से उपयोग हो रहा है। सरपंच जी और अन्य ग्रामवासियों ने यह सभी शर्तें सहर्ष स्वीकार कीं।

गाँव के लोगों की आवाज़ और भावनाएँ

गुढ़ाण के लोगों का आभार शब्दों में पिरोना कठिन है। ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि संत रामपाल जी महाराज ने उनके लिए ईश्वर जैसा, या पिता की तरह अपने बच्चों की सेवा करने वाला व्यवहार किया। वे स्वयं को उनके उपकार से ‘धन्य’ मानते हैं, विशेषकर इसलिए कि उन्होंने 10,000 फीट पाइप और पाँच मोटरों सहित हर आवश्यक सामग्री उपलब्ध करवाई, जिससे उन्हें कुछ भी खरीदने की जरूरत नहीं पड़ी। ग्रामीण और किसान उन्हें वर्तमान समय का भगवान और अपना ‘अन्नदाता’ मानते हैं, जिनकी सहायता ने उन किसानों को बचा लिया जो अन्यथा पूरी तरह बर्बाद हो जाते।

गाँव वालों ने सम्मानस्वरूप एक पगड़ी भेंट की—यह उनके समर्पण, सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक था। उन्होंने कहा कि यह उनके सिर और समर्पण को सौंपने जैसा है। ग्रामीणों का मानना है कि हमारी आने वाली पीढ़ियाँ भी इस उपकार को याद रखेंगी।

संत रामपाल जी महाराज ही है वह दिव्य शक्ति जिसका सबको इंतजार था

गुढ़ाण गाँव का यह अनुभव सिद्ध करता है कि किसी तत्वदर्शी संत की आध्यात्मिक शक्ति के आगे कोई भी विपत्ति टिक नहीं सकती। अन्नपूर्णा मुहिम के अंतर्गत संत रामपाल जी महाराज ने यह स्पष्ट कर दिया कि परमतत्व—परमेश्वर कबीर—के लिए असंभव’ जैसा कोई शब्द है ही नहीं। सृष्टि की रक्षा और पालन उनके लिए सहज दया मात्र है। गुढ़ाण में हुए इस राहत कार्य ने यह प्रमाणित कर दिया कि संत रामपाल जी महाराज की दिव्य शक्ति के संरक्षण में हर दर्द सुना जाता है और हर सच्ची पुकार स्वीकार होती है।

Latest articles

परमेश्वर कबीर जी के 508वें निर्वाण दिवस का भारत-नेपाल सहित 13 सतलोक आश्रमों में हुआ सम्पन्न 

भारत (29 जनवरी 2026): जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आज...

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...

30 January Martyrdom Day of Gandhi Ji Observed as Martyrs’ Day / Shaheed Diwas

Last Updated on 30 January 2026 IST | Martyrs’ Day 2026: Every year Shaheed...
spot_img

More like this

परमेश्वर कबीर जी के 508वें निर्वाण दिवस का भारत-नेपाल सहित 13 सतलोक आश्रमों में हुआ सम्पन्न 

भारत (29 जनवरी 2026): जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आज...

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...