January 29, 2026

हरियाणा के ढाणा खुर्द गांव में बाढ़ की मार: संत रामपाल जी महाराज की त्वरित मदद ने 24 घंटे में किसानों को लौटाई उम्मीद की किरण

Published on

spot_img

हिसार, हरियाणा (10 अक्टूबर 2025): बाढ़ की विभीषिका ने हरियाणा के हिसार जिले के ढाणा खुर्द गांव को पूरी तरह घेर लिया था। लगभग 1800 एकड़ उपजाऊ जमीन पानी में डूब चुकी थी, खेतों के रास्ते बंद हो गए थे, और किसानों की आंखों में निराशा का काला साया मंडरा रहा था। सर्दियों की दहलीज पर खड़े इस गांव के लिए यह नुकसान सिर्फ एक फसल का नहीं, बल्कि पूरे जीवनयापन का संकट बन चुका था। प्रशासन की अधूरी मदद और अपनी सीमित कोशिशों से थक चुके ग्रामीणों ने हार मान ली थी। लेकिन संत रामपाल जी महाराज की मदद न केवल तात्कालिक राहत बनी, बल्कि भविष्य के बाढ़ों से निपटने का स्थायी हथियार भी साबित हुई। ग्रामीणों की आंखों में अब आंसू धन्यवाद के हैं, न कि हताशा के।

बाढ़ की भयावह तस्वीर: खेतों में डूबा भविष्य, ग्रामीणों का दर्द

हरियाणा के हिसार जिले की तहसील हांसी के अंतर्गत आने वाले ढाणा खुर्द गांव में अत्यधिक वर्षा ने कहर बरपा दिया। किसानों के लिए यह स्थिति जीवन-मरण का सवाल बन गई। सर्दियों में पानी सूखने में महीनों लग जाते हैं, और अगली रबी फसल की बुवाई की कोई गुंजाइश नजर नहीं आ रही थी। बाढ़ के प्रमुख प्रभाव इस प्रकार थे:

  • लगभग 1800 एकड़ जमीन पर चार-पांच फुट पानी जमा, खेतों के रास्ते पूरी तरह बंद।
  • फसलें पूरी तरह बर्बाद, कुछ जगहों पर थोड़ा-बहुत धान बचा।
  • पशुओं के लिए चारा समाप्त, घास-पात सब पानी में डूबा।
  • कुछ घरों में पानी घुस आया, डिस्पेंसरी बंद पड़ी।
  • बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे, क्योंकि स्कूलों में भी जलभराव।
  • दो महीने से अधिक समय से जलप्रलय जारी, प्रशासन की मदद से गांव का कुछ पानी निकाला गया, लेकिन खेतों का जमा पानी चार फुट से अधिक गहरा।

गांव के सरपंच प्रतिनिधि सुनील जी बताते हैं कि यह आपदा 36 बिरादरियों के जान-माल से जुड़ी थी। किसानों की जेबें खाली हो रही थीं, पशु परेशान, और परिवार भुखमरी के कगार पर। निराशा इतनी गहरी थी कि कईयों ने अगली फसल की कल्पना तक छोड़ दी थी। “फसल नष्ट होना किसान के मरने जैसा है,” एक ग्रामीण ने दर्द भरे लहजे में कहा।

मदद की तलाश: संत रामपाल जी महाराज की शरण में पहुंची पंचायत

जब हर दरवाजा बंद नजर आने लगा, तो ग्राम पंचायत ने फैसला किया कि सरपंच प्रतिनिधि सुनील जी के नेतृत्व में संत रामपाल जी महाराज से सहायता मांगी जाए। बरवाला में रहने वाले परिचित कुलदीप जी ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज बाढ़ पीड़ितों की तन-मन-धन से सेवा कर रहे हैं। ग्राम पंचायत ढाणा खुर्द के सरपंच कृष्णा बहन जी के पति और सुनील जी ने तुरंत बरवाला जाकर प्रार्थना पत्र सौंपा। प्रार्थना पत्र की मुख्य मांगें इस प्रकार थीं:

  • गांव और खेतों के पानी निकालने के लिए 15 हॉर्स पावर की मोटर।
  • 5600 फुट 8 इंच की पाइप।
  • बिजली कनेक्शन, जो ग्राम पंचायत के पास उपलब्ध।

सुनील जी ने बताया, “हमारे बड़े भाई कुलदीप जी ने ही बरवाला रोड पर मारल सिटी में रहते हुए यह जानकारी दी। हमने दो पंचायतों को लेकर तुरंत संपर्क किया।” प्रार्थना पत्र में गांव की पूरी स्थिति का जिक्र था-बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र, बंद रास्ते, और किसानों का संकट। सरपंच प्रतिनिधि सुनील जी ने कहा, “हमने सोचा था कि हफ्तों लगेंगे, लेकिन संत रामपाल जी महाराज ने तुरंत सुन ली।” यह प्रार्थना न केवल ढाणा खुर्द की, बल्कि आसपास के अन्य बाढ़ प्रभावित गांवों की भी प्रतिनिधि थी।

चमत्कारिक प्रतिक्रिया: 24 घंटों में पहुंची पूरी राहत सामग्री

संत रामपाल जी महाराज की कृपा ऐसी थी कि प्रार्थना स्वीकार होते ही आदेश जारी हो गए। मात्र 24 घंटों के अंदर राहत सामग्री से लदे वाहन ढाणा खुर्द पहुंचे। सेवादारों ने गांव में पहुंचते ही संत रामपाल जी महाराज की स्तुति में मंगलाचरण किया। ग्रामवासी भी इसमें शामिल हुए। ग्राम पंचायत के सभी सदस्य, सरपंच प्रतिनिधि सुनील जी, और चेयरमैन दयानंद जी ने सामग्री का हैंडओवर लिया। राहत सामग्री की पूरी सूची इस प्रकार है:

  • 15 हॉर्स पावर की मोटर।
  • 5600 फुट 8 इंच की पाइप।
  • स्टार्टर।
  • केबल।
  • फेविकोल।
  • क्लिप, नट, बोल्ट, और पाइप जोड़ने का पूरा सामान।

सुनील जी ने कहा, “सारा सामान उपलब्ध हो गया-पाइप, मोटर, स्टार्टर, फेविकोल, सब कुछ। अब कोई परेशानी नहीं।” यह मदद अन्नपूर्णा मुहिम का हिस्सा थी, जिसमें संत रामपाल जी महाराज बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों में तन-मन-धन से सेवा करवा रहे हैं। ढाणा खुर्द के अलावा अन्य बाढ़ ग्रस्त गांवों के प्रार्थना पत्रों पर भी कार्यवाही चल रही है। सेवादारों ने बताया कि संत रामपाल जी महाराज स्वयं किसान परिवार से हैं, इसलिए किसानों का दर्द उन्हें अच्छी तरह समझ आता है।

Also Read: हिसार के बुगाना गांव में बाढ़ से तबाह किसानों के लिए फरिश्ता बने संत रामपाल जी महाराज

ग्रामीणों की भावुक प्रतिक्रियाएं: धन्यवाद और नई उम्मीद

राहत सामग्री मिलते ही गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों की आंखों में हताशा की जगह उम्मीद की चमक लौट आई। ग्रामीणों की प्रमुख प्रतिक्रियाएं इस प्रकार हैं:

  • चेयरमैन दयानंद जी: “महाराज जी ने जो मुहिम चलाई है, वह बहुत बढ़िया काम है। सारी फसल खत्म हो चुकी थी, लेकिन अब आगे का बचाव हो जाएगा। जमींदारों को फायदा होगा, अन्न पैदा होगा।”
  • सरपंच प्रतिनिधि सुनील जी: “परसों प्रार्थना की, आज सामग्री पहुंच गई। पूरा गांव धन्यवाद करता है। 500-600 एकड़ में चार फुट पानी भरा था, महाराज जी ने पुकार सुनी।”
  • एक किसान: “घर में पानी घुस आया था, पशु चारा नहीं मिल रहा। फसल न बोई जाती तो भुखमरी होती। यह जीवन दान है।”
  • दयानंद जी: “सर्दियां आ रही हैं, पानी सूखने में 6-10 महीने लगते। उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन अब अगली फसल लहराएगी।”
  • एक अन्य ग्रामीण: “दो महीने से डैमेज हो रहा था। खेतों में 7 फुट पानी, घास-पात सब डूबा। पशु परेशान, जमींदार तंगी में। लेकिन अब फ्यूचर सुरक्षित है।”

ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा, “संत रामपाल जी महाराज परमात्मा हैं, कबीर परमेश्वर खुद आए हैं। उनकी सेवा से संसार पार उतर जाएंगे।”

संत रामपाल जी महाराज का विशेष संदेश: जिम्मेदारी और पारदर्शिता का आह्वान

राहत सामग्री के साथ संत रामपाल जी महाराज का एक विशेष निवेदन पत्र भी ग्राम पंचायत को सौंपा गया। इसमें सख्त लेकिन विनम्र निर्देश थे। संदेश की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:

  • निर्धारित समय में पानी न निकला और फसल न बोई गई, तो भविष्य में कोई मदद नहीं मिलेगी।
  • “सामान चाहे कितना भी लो, लेकिन गांव से पानी निकलना चाहिए। गलती आपकी होगी।”
  • ड्रोन से तीन वीडियो बनाई जाएंगी: पहली पानी भरे खेतों की, दूसरी पानी निकालने के बाद की, तीसरी फसल लहराते समय की।
  • ये वीडियो समागमों और आश्रमों में दिखाई जाएंगी, ताकि संगत को विश्वास हो कि दान का कोई दुरुपयोग नहीं होता।
  • पाइप और मोटर को वरदान बताया-इन्हें जमीन में दबाकर रखें, हर बरसात में उपयोग करें।
  • “यह अनमोल गिफ्ट है, परमेश्वर कबीर जी की दया से। वर्तमान और भविष्य की फसल सुरक्षित रहेगी।”

ग्राम पंचायत ने इस पत्र पर हस्ताक्षर कर सहमति जताई। सुनील जी ने कहा, “सभी ग्रामवासी मिलकर पानी निकालेंगे, फसल लहराएंगे। धन्यवाद संत रामपाल जी महाराज को।”

स्थायी समाधान की ओर: बाढ़ से मुक्ति का नया अध्याय

यह मदद ढाणा खुर्द के लिए स्थायी समाधान साबित हो रही है। ग्रामीणों ने बताया कि प्रशासन से गांव का पानी निकल गया, लेकिन खेतों का जमा जल अब भी चुनौती था। पूर्ण गुरु संत रामपाल जी महाराज की मुहिम ने न केवल तत्काल राहत दी, बल्कि भविष्य के बाढ़ों से निपटने का उपकरण प्रदान किया। “कितना ही पानी आए, निकल जाएगा,” एक सेवादार ने कहा। हैंडओवर के दौरान सेवादारों ने हर सामान की सूची दी:

  • 8 इंच की पाइप लाइन (5600 फुट)।
  • 15 एचपी मोटर।
  • स्टार्टर।
  • फेविकोल।
  • क्लिप, नट-बोल्ट।

“कुछ लाने की जरूरत नहीं, पूरा सेट है,” उन्होंने जोर दिया। सरपंच कृष्णा बहन जी की ओर से ग्राम पंचायत ने धन्यवाद व्यक्त किया, “सारी रात सामग्री मिली, अब खेत खाली करेंगे।” किसानों का मानना है कि यह गिफ्ट किसान और मजदूर के लिए सबसे बड़ा वरदान है।

निष्कर्ष: आशा की नई सुबह

ढाणा खुर्द के ग्रामीणों के लिए यह मदद चमत्कार से कम नहीं। जहां एक ओर बाढ़ ने भविष्य अंधकारमय कर दिया था, वहीं संत रामपाल जी महाराज की त्वरित सेवा ने नई जिंदगी थमा दी। यह घटना न केवल बाढ़ राहत की मिसाल है, बल्कि मानवता की सेवा की प्रेरणा भी। 

FAQs:हरियाणा के ढाणा खुर्द गांव में बाढ़ की मार

Q1. हरियाणा के ढाणा खुर्द गांव में बाढ़ से कितना नुकसान हुआ था?
ढाणा खुर्द में लगभग 1800 एकड़ उपजाऊ जमीन बाढ़ में डूब गई थी, जिससे फसलें बर्बाद हो गईं, रास्ते बंद हुए और किसानों का जीवन संकट में आ गया था।

Q2. संत रामपाल जी महाराज ने ढाणा खुर्द गांव में क्या मदद की?
संत रामपाल जी महाराज ने मात्र 24 घंटे में 15 हॉर्स पावर मोटर, 5600 फुट 8 इंच की पाइप, स्टार्टर और अन्य सामग्री भेजकर किसानों को राहत दी।

Q3. संत रामपाल जी महाराज की यह बाढ़ राहत सेवा किस मुहिम का हिस्सा है?
यह सेवा “अन्नपूर्णा मुहिम” का हिस्सा है, जिसके तहत संत रामपाल जी महाराज बाढ़ और आपदा प्रभावित इलाकों में नि:स्वार्थ सेवा करवा रहे हैं।

Q4. क्या ढाणा खुर्द गांव के किसानों को इस मदद से स्थायी राहत मिली?
हाँ, मोटर और पाइपलाइन से खेतों का पानी निकालना आसान हो गया, जिससे भविष्य की फसलों और बाढ़ से बचाव का स्थायी समाधान मिल गया।

Q5. संत रामपाल जी महाराज किसानों के लिए प्रेरणा क्यों माने जाते हैं?
क्योंकि वे स्वयं किसान परिवार से हैं और किसानों के दर्द को समझते हुए हमेशा त्वरित व पारदर्शी सहायता प्रदान करते हैं, जो सच्ची मानव सेवा का उदाहरण है।

Latest articles

परमेश्वर कबीर जी के 508वें निर्वाण दिवस का भारत-नेपाल सहित 13 सतलोक आश्रमों में हुआ सम्पन्न 

भारत (29 जनवरी 2026): जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आज...

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...

30 January Martyrdom Day of Gandhi Ji Observed as Martyrs’ Day / Shaheed Diwas

Last Updated on 30 January 2026 IST | Martyrs’ Day 2026: Every year Shaheed...
spot_img

More like this

परमेश्वर कबीर जी के 508वें निर्वाण दिवस का भारत-नेपाल सहित 13 सतलोक आश्रमों में हुआ सम्पन्न 

भारत (29 जनवरी 2026): जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में आज...

PM Modi to Inaugurate India Energy Week 2026: A New Era for Global Energy Cooperation

Prime Minister Narendra Modi is scheduled to virtually inaugurate the India Energy Week (IEW)...

Padma Awards 2026: शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेताओं पर राष्ट्रीय फोकस

पद्म पुरस्कार 2026 (Padma Awards 2026) ने भारत के शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों और अकादमिक नेतृत्व...