January 29, 2026

दिल्ली के चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू प्रकोप: जानिए लक्षण, कारण और इंसानों में फैलने से बचाव के तरीके

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दिल्ली में घमासान तेज़ बारिश और बाढ़ के प्रकोप के बीच एक और बड़ी आफत आई है। राष्ट्रीय चिड़ियाघर, दिल्ली H5N1 वायरस की चपेट में आ गया है। 27 अगस्त 2025 को दो पेंटेड स्टॉर्क्स (waterbird aviary) के मृत नमूने NIHSAD, भोपाल भेजे गए, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा 28 अगस्त 2025 की शाम को H5N1 एवियन इन्फ्लुएंजा की पुष्टि की गई थी। अब तक 12 पक्षियों की मौत हो गई है। ऐसे में बर्ड फ्लू के संक्रमण से बचने हेतु क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए? आइए जानते हैं इस लेख में कि क्या बर्ड फ्लू इंसानों को भी संक्रमित कर सकता है? क्या हैं बर्ड फ्लू के लक्षण और बचने का कारगर तरीका, पढ़िए पूरा लेख…

दिल्ली में बर्ड फ्लू (Bird Flu in Delhi)

राष्ट्रीय प्राणी उद्यान (चिड़ियाघर) में बर्ड फ्लू (H5N1) का खतरा लगातार गहराता जा रहा है। 176 एकड़ क्षेत्र में फैले “दिल्ली चिड़ियाघर” में लगभग 1350 वन्य जीवों का संग्रह है, जिसमें दुनिया भर के जानवरों और पक्षियों की लगभग 130 प्रजातियाँ संग्रहित हैं। हाल ही में यहाँ बर्ड फ्लू के H5N1 वायरस के कारण अब तक दिल्ली के चिड़ियाघर में 12 पक्षियों पेंटेड स्टॉर्क्स और ब्लैक-नेक्ड इबिस की मौत हो चुकी है। इससे पहले 2016 और 2021 में भी इसी प्रकार का प्रकोप देखा गया था जिसमें 70 से भी अधिक पक्षियों की मौत हुई थी।

स्वास्थ्य विभाग के अलर्ट होने पर पक्षियों और जानवरों की जांच की जा रही है। दिल्ली स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने सोमवार को कहा कि सुरक्षा के तौर पर बाजारों और मुर्गा मंडियों से पोल्ट्री के नमूने लेकर बर्ड फ्लू की जांच की जाएगी। बर्ड फ्लू के H5N1 वायरस से संक्रमित पाए गए पक्षियों को खत्म कर सुरक्षित तरीके से जमीन में दबाने की जरूरत बताई गई है। इसके अलावा, चिड़ियाघर के आसपास के क्षेत्रों में भी सावधानी बरती जा रही है और लोगों को जागरूक किया जा रहा है ताकि इस वायरस के प्रसार को रोका जा सके।

बर्ड फ्लू पक्षियों में कैसे फैलता है?(Transmission of Bird Flu in Birds)

बर्ड फ्लू पक्षियों में उनके मल-मूत्र, लार और शारीरिक तरल पदार्थों के माध्यम से फैलता है। यह सीधे संपर्क, जैसे चोंच मारना या घोंसले साझा करना, और अस्वच्छता की स्थिति से भी फैल सकता है। पोल्ट्री फार्मों में भीड़भाड़ और अस्वच्छता भी इसके प्रसार को बढ़ावा दे सकती है।

पक्षियों में बर्ड फ्लू के लक्षण (Symptoms of Bird Flu in Birds)

बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है जो पक्षियों में होती है, लेकिन यह इंसानों में भी फैल सकता है। पक्षियों में बर्ड फ्लू के लक्षणों में शामिल हैं – अचानक मौत, बीमार पक्षियों का अलग-थलग पड़ जाना, खाने-पीने में कमी, अंडे देने की क्षमता में कमी, सिर और पंखों का लटकना, हरे रंग के दस्त या खून आना, नाक और आंखों से तरल पदार्थ का निकलना, सांस लेने में तकलीफ और मुंह और श्वासनली में सूजन आना।

बर्ड फ्लू इंसानों में कैसे फैलता है? (How Bird Flu Transmits to Humans)

बर्ड फ्लू एक वायरल बीमारी है जो मुख्य रूप से पक्षियों को प्रभावित करती है, खासकर जंगली और पालतू मुर्गियों को। लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह वायरस पक्षियों के संपर्क में आने से इंसानों में फैल सकता है?

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बर्ड फ्लू वायरस पक्षियों के मल-मूत्र, लार और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों में पाया जाता है। इंसानों में बर्ड फ्लू का संक्रमण तब हो सकता है जब वे संक्रमित पक्षियों या उनके मल-मूत्र, लार या अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आते हैं। इसके अलावा, संक्रमित पक्षियों के साथ काम करने वाले लोग, जैसे कि पशु चिकित्सक या पोल्ट्री फार्म के कर्मचारी, भी उच्च जोखिम में होते हैं।

बर्ड फ्लू के इंसानों में लक्षण (Symptoms of Bird Flu in Humans)

बर्ड फ्लू के इंसानों में लक्षण हल्के से गंभीर तक हो सकते हैं। आम लक्षणों में तेज बुखार, खांसी, गले में खराश, सांस लेने में तकलीफ, मांसपेशियों में दर्द और सिरदर्द शामिल हैं। इसके अलावा, कुछ लोगों में आंखों में दर्द, नाक बहना और थकान भी देखी जा सकती है। गंभीर मामलों में, बर्ड फ्लू निमोनिया, श्वसन विफलता और अन्य जटिलताओं का कारण बन सकता है, जो जानलेवा हो सकता है। यदि आपको लगता है कि आपको बर्ड फ्लू के लक्षण हैं, तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेना महत्वपूर्ण है।

बर्ड फ्लू से बचने के उपाय (Bird Flu Prevention Tips)

बर्ड फ्लू से बचने के लिए कुछ सरल उपाय अपनाए जा सकते हैं। जो निम्न हैं:- 

  • पक्षियों के संपर्क में आने से बचें, खासकर तब जब वह बीमार दिखाई दें।
  • व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण पहनें, जैसे मास्क और दस्ताने, यदि आपको पक्षियों के नजदीक या उनके पास कोई काम करना है।
  • पक्षियों के मल-मूत्र और अन्य शारीरिक तरल पदार्थों के संपर्क में आने से बचें।
  • हाथों को बार-बार साबुन लगाकर पानी से धोएं।
  • बीमार पक्षियों के नज़दीक जाने से बचें।

बर्ड फ्लू से बचने के लिए चिड़ियाघर प्रशासन की कार्रवाई (Zoo Administration’s Action Against Bird Flu)

चिड़ियाघर प्रशासन ने बर्ड फ्लू के प्रसार को रोकने के लिए कई सुरक्षित कदम उठाए हैं। चिड़ियाघर को अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया गया है ताकि वायरस के प्रसार को रोका जा सके। इसके अलावा, सभी पक्षियों की निगरानी बढ़ा दी गई है और संक्रमित पक्षियों को अलग-अलग कर दिया गया है। चिड़ियाघर में सफाई और कीटाणुशोधन अभियान चलाया जा रहा है और कर्मचारियों को स्वयं को सुरक्षित रहने का भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि वे वायरस के संक्रमण से सुरक्षित रहें और इसके प्रसार को रोकने में कामयाब हो सकें। इन कदमों से चिड़ियाघर प्रशासन बर्ड फ्लू के खतरे को कम करने की कोशिश कर रहा है।

बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों से बचने का आध्यात्मिक उपाय

बर्ड फ्लू हो या अन्य कोई भी बीमारी, इंसान किसी न किसी बीमारी का शिकार हो ही जाता है। जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी के अनुसार, आध्यात्मिक मार्ग में परमेश्वर कबीर साहेब जी की सतभक्ति शास्त्रों के अनुसार करने से हमारे जीवन में आने वाली बीमारियों से बच सकते हैं। सतभक्ति करने से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है और बीमारियों से बचाव होता है।

वर्तमान में जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी शास्त्रानुकूल सतभक्ति प्रदान कर रहे हैं। साधक निःशुल्क नामदीक्षा प्राप्त करके अपने जीवन में आने वाले सभी संकटों से मुक्ति प्राप्त कर सकता है। अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट www.jagatgururampalji.org  या “Sant Rampal Ji Maharaj App” प्ले स्टोर से डाउनलोड करें।

बर्ड फ्लू से जुड़ी प्रश्नोत्तरी:

Q.1. बर्ड फ्लू क्या है? 

उत्तर: बर्ड फ्लू एवियन इन्फ्लुएंजा वायरस के कारण होने वाला एक फ्लू है, जो मुख्य रूप से जंगली पक्षियों और मुर्गियों में पाया जाता है, लेकिन गायों जैसे स्तनधारियों में भी फैल सकता है। यह एक सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है क्योंकि यह मनुष्यों में भी फैल सकता है, खासकर उन लोगों में जो पशुधन या पोल्ट्री फ़ार्म पर काम करते हैं।

Q.2. बर्ड फ्लू के लक्षण क्या हैं? 

उत्तर: पक्षियों में: नाक बहना, खांसी, छींकना, दस्त, ऊर्जा में कमी या अचानक मृत्यु जैसे लक्षण दिख सकते हैं। मनुष्यों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना और मांसपेशियों में दर्द शामिल हैं।

Q.3. प्रश्न: बर्ड फ्लू जैसी बीमारियों से बचने का आध्यात्मिक उपाय क्या है?

उत्तर: जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी की शरण में आकर निःशुल्क नामदीक्षा लेकर शास्त्रानुकूल सतभक्ति करने से सभी प्रकार की बीमारियों से छुटकारा पाया जा सकता है।

Q.4. जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा कैसे ली जा सकती है?

उत्तर: जगतगुरू तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज जी से निःशुल्क नामदीक्षा प्राप्त करने हेतु इन नंबरों पर संपर्क करें 8222880541,8222880542

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