आज हर आंख फिर भीगी है घाव अभी भी लाल हैं चेहरे काले और यादें सफेद हैं डंडे, लाठियों, आंसू गैस, राकेट बंमो उस दिन छह मासूमों की जान है हर ओर मौत और मातम का मंज़र था वो दिन आज भी आंखों के सामने…