कहा जाता है कि न्यायालय एक मंदिर है और मंदिर में बैठे भगवान अर्थात जज साहेबान का पूरा भारतवर्ष सम्मान करता है या दूसरे शब्दों में कहें कि न्यायालय एक न्याय का दरबार है जहां फरियादी या पीड़ित अपने साथ हुए अन्याय के लिए इंसाफ…