– श्री नानकदेव जी (गुरू ग्रंथ साहिब 721) परमेश्वर दया के सागर हैं। वे सब जीवों के साथ सदा सूक्ष्म रूप में साथ रहते हैं। वे जीवों को काल के जाल से बाहर निकालने के लिए अच्छी आत्माओं को मिलते हैं। तथा उन्हें अपने ज्ञान…