कबीर, मानुष जन्म दुर्लभ है, मिले न बारम्बार। तरूवर से पत्ता टूट गिरे, बहुर न लगता डार।। हमारे शास्त्रों में मनुष्य जीवन को अति दुर्लभ बताया है। मनुष्य जीवन पाकर मानव भक्ति नहीं करता वह जीवन को बर्बाद करता है। वर्तमान में हिन्दू धर्म में…