अंध श्रद्धा भक्ति क्या है?

आइए जानते हैं अंध श्रद्धा का अर्थ है बिना विचार-विवेक के किसी भी प्रभु में आस्था करके उसकी प्राप्ति की तड़फ में पूजा में लीन हो जाना। फिर अपनी साधना से हटकर शास्त्र प्रमाणित भक्ति को भी स्वीकार न करना। दूसरे शब्दों में प्रभु भक्ति में अंधविश्वास को ही आधार मानना। श्रद्धालु का उद्देश्य परमात्मा […]

Continue Reading
shradh

श्राद्ध

।।श्राद्ध करना भूत पूजा है, यह व्यर्थ साधना है।। श्राद्ध पितर पूजा मनमाना आचरण है श्राद्ध भाद्रपद पूर्णिमा के साथ ही आरंभ हो जाते हैं जो कि इस वर्ष 24 सितंबर, 2018 से आरंभ होकर सोलह दिन तक चलेंगे ( भाद्रपद की पूर्णिमा से आश्विन कृष्ण अमावस्या तक )। इन दिनों में लोग अपने प्रियजन […]

Continue Reading