क्या ईद के दिन मासूमों के क़त्ल से कोई जन्नत जा सका है आज तक? जोर करि जबह करै, मुखसों कहै हलाल। साहब लेखा माँगसी, तब होसी कौन हवाल।। ईद-उल-अजहा यानी खुदा के लिए दी जाने वाली कुर्बानी वाली ईद जिसे बकरीद भी कहते हैं। बकरीद…