Ambedkar Jayanti

“छुआछूत गुलामी से भी बदतर है” -भीमराव अंबेडकर

भारत नाम सुनकर और बोलने मात्र से ही शरीर स्फूर्ति और ऊर्जा से भर उठता है। भारत विभिन्नता से परिपूर्ण, उन्नतिशील, धार्मिक और सांस्कृतिक देश है। यहां की हरियाली और बदहाली दोनों ही विश्वभर के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र रहे हैं। भारत ने अपनी नींव के समय से ही कई उतार चढ़ाव देखे […]

Continue Reading