नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए देश मे संविधान बनाया जाता है तथा सरकार, मीडिया, न्यायपालिका आदि भी नागरिकों के अधिकारों की सुरक्षा और उनकी जिंदगी की बेहतरी के लिए ही बनाए गए हैं। आपको यह बात भी पता होगी कि किस तरह से देश की आजादी के लिए अखबार यानी मीडिया ने बहुत ही बढ़िया योगदान दिया था तथा पूरे देश में लोगों को आजादी के बारे में बताया था तथा एक आंदोलन खड़ा करने में बहुत ही महत्वपूर्ण कार्य किया था लेकिन आज हम देख रहे हैं की मीडिया अपना दायित्व पूरी तरह से भूल गया है। भारतीय मीडिया अपने मूल कर्तव्य से बहुत दूर चला गया है। जिस मीडिया को लोकतंत्र का चौथा स्तंभ कहा जाता है वही मीडिया आज इसका भक्षक बन गया है। वही मीडिया आज सरकार की कठपुतली बनकर रह गया है जो कि सिर्फ वही चीजें दिखाता है जो वर्तमान सरकार की बेहतरी के लिए जरूरी है।

इसी बिकाऊ मीडिया में सबसे ऊंचे पायदान पर है zee नेटवर्क जिनके कई चैनल जैसे zee news व zee hindustan चल रहे हैं। इन चैनलों पर मात्र झूठ दिखाया जाता है। आपको पता होगा संत रामपाल जी के बारे में। संत रामपाल जी के ऊपर 2014 में राजनीतिक कारणों व वोट बैंक के कारण कई फर्जी केस बनाए गए थे लेकिन धीरे धीरे इन फर्जी केसों का अंत होना शुरू हो गया जैसे कि संत जी के ऊपर आश्रम के अंदर अनुयायियों को बंधक बनाने का केस दर्ज किया गया था लेकिन बाद में पुलिस तफ्तीश में वह केस झूठा साबित हुआ इसी तरह से संत जी के ऊपर सरकारी कार्य में बाधा बनाने का केस बनाया गया था जो भी बाद में झूठा साबित हो गया और अभी कुछ दिनों पहले धार्मिक भावनाएं भड़काने और 2006 का जमीन धोखाधड़ी का केस भी गलत साबित हो गया। zee hindustan चैनल अपने अभिमान में संत रामपाल जी के बारे में गलत दिखाते हुए यह बात भी भूल गया की संत रामपाल जी महाराज पर मुकदमे 2013 में नहीं 2014 में दर्ज हुए थे।

इन सब बातों को जानकर भी zee hindustan लगातार संत जी के बारे में भारतीय जनता में दुष्प्रचार कर रहा है और झूठ फैला रहा है। याद रहे इस चैनल को कई बार फोन व सोशल मीडिया के माध्यम से यह बात बता दी गई कि आप जो बातें दिखा रहे हैं, वह सरासर झूठ है लेकिन इस भ्रष्ट चैनल के कान पर जू भी नहीं रेंगी जिसका साफ-साफ मतलब यह है कि यह सारा काम सरकार और मीडिया के सहयोग से हो रहा है। आपने कुछ दिनों पहले एक अंतराष्ट्रीय रिपोर्ट देखी होगी जिसमें यह बताया गया था कि भारतीय मीडिया बहुत ही अविश्वसनीय है जिसका मीडिया की आजादी में विश्व मे 138 वा स्थान है जो कि पड़ोसी देश नेपाल व भूटान से भी पीछे है। मतलब यह है की भारतीय मीडिया की बातों पर विश्वास नहीं किया जा सकता क्योंकि ये अपनी जिम्मेदारी सरकार के आदेश के अनुसार पूरा करते है। इस रिपोर्ट से साफ मालूम पड़ता है कि Zee News व zee hindustan जैसे चैनलो के कारण ही विश्व में भारतीय मीडिया व देश का सम्मान कम हो रहा है व देश की किरकिरी हो रही है।

Zee hindustan जैसे चैनल यह बात भी भूल जाते हैं कि इनको जो जिम्मेदारी दी गई है वह बहुत महत्वपूर्ण है। इनको भारतीय जनता को जागरूक करने की बहुत महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गईं है, जहां कहीं भी देश में अत्याचार होता है उसके बारे में पूरे देश को पता चले यह जिम्मेदारी इनको दी गई है, कहीं भी किसी भी नागरिक के अधिकारों का हनन ना हो यह जिम्मेदारी दी गई है लेकिन फिर भी इन सब बातों को भूलकर इन सब जिम्मेदारियों से पीछे हट कर यह चैनल मात्र रोटियां सेकने में लगे हुए हैं। यह सरकार के हाथों बिके हुए हैं तथा जनता को सिर्फ वही बातें दिखाते हैं जिससे कि सरकार के स्वार्थ की पूर्ति हो सके। बदले में इनको सरकार द्वारा कहीं लाभ दिए जाते हैं जैसे कि Zee नेटवर्क के मालिक सुभाष चंद्रा का उदाहरण ले लीजिए जिन्हें सरकार ने राज्यसभा में सांसद बना दिया और इसी कारण यह चैनल सरकार के अनुसार जनता को संत रामपाल जी के बारे में लगातार भ्रमित कर रहा है। पद के साथ-साथ बदले में इनको मोटी रकम भी दी जाती होगी,इस बात को नकारा नही जा सकता।

अब आप बताइए क्या ऐसी मीडिया के खिलाफ एक देशव्यापी आंदोलन नहीं होना चाहिए ? क्या ऐसी मीडिया को तुरंत बर्खास्त नहीं करना चाहिए ? क्या ऐसी भ्रष्ट व बिकाऊ मीडिया के खिलाफ सख्त से सख्त कानून नहीं बनाया जाना चाहिए? अब समय आ गया है जब zee hindustan जैसे बिकाऊ चैनल को बताना होगा कि आप की मनमानी नहीं चलेगी तथा आप को सिर्फ और सिर्फ सच बताने के लिए रखा गया है।

ZEE HINDUSTAN EXPOSED

zee hindustan ke paap lok ka reality check