हरियाणा पुलिस में 25 साल से अपनी ईमानदारी और निष्ठा से विजेंद्र सिंह अपनी सेवाएं दे रहे थे, लेकिन सरकार और न्यायालय में फैल रहे भ्रष्टाचार पर खुलकर बोलने वाले संत रामपाल जी महाराज का शिष्य होना विजेंद्र सिंह को इस कदर महंगा पड़ेगा उन्होंने सोचा नहीं था | शायद इसीलिए सरकारी अधिकारियों ने कानून के हर वसूल को किनारे करते हुए मनमाने ढंग से विजेंद्र सिंह पर आरोप लगाए, लेकिन समय और परिस्थितियों के सामने विजेंद्र सिंह ने घुटने टेकने से मना कर दिया और संत रामपाल जी महाराज के साथ हो रहे अन्याय के खिलाफ लड़ते रहे | आज जब विजेंद्र सिंह 15 महीने जेल में रहने के बाद बाहर आए, तो अपने ऊपर बनाए हर वक्त में का सच हमारे सामने रखा |
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